डोर स्टेप डिलीवरी पर रागिनी सिंह सख्त, राशन दुकानों तक सीधे अनाज पहुंचाने और 200 मजदूरों का रोजगार बचाने की मांग

डोर स्टेप डिलीवरी पर रागिनी सिंह सख्त, राशन दुकानों तक सीधे अनाज पहुंचाने और 200 मजदूरों का रोजगार बचाने की मांग

धनबाद: जन वितरण प्रणाली (PDS) में लागू डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सरकार का ध्यान दो महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर दिलाया है। उन्होंने धनबाद के शहरी क्षेत्र में राशन दुकानों तक एफसीआई गोदाम से सीधे खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही गोदामों में वर्षों से लोडिंग-अनलोडिंग का काम कर रहे करीब 200 मजदूरों के रोजगार का मुद्दा उठाया है।

विधायक ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर व्यवस्था में आ रही कथित अनियमितताओं को दूर करने और मजदूरों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

डोर स्टेप डिलीवरी में समन्वय की कमी का आरोप

रागिनी सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि रांची, धनबाद और जमशेदपुर के शहरी क्षेत्रों में एफसीआई गोदामों से पीडीएस दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित संवेदकों के बीच समन्वय की कमी के कारण व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। एफसीआई और जेएसएफसीआई के पत्रों तथा विभागीय निर्देशों में अंतर होने से राशन डीलरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने मांग की है कि धनबाद के शहरी क्षेत्र के सभी राशन डीलरों को एफसीआई गोदाम से निर्धारित व्यवस्था के तहत सीधे खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इससे राशन वितरण व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

200 मजदूरों के रोजगार का मुद्दा उठाया

डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के कारण एफसीआई गोदामों में लोडिंग-अनलोडिंग का काम करने वाले मजदूरों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न होने का मुद्दा भी रागिनी सिंह ने उठाया है।

उन्होंने कहा कि धनबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय मजदूर करीब 50 वर्षों से एफसीआई गोदामों में अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते आ रहे हैं। इन मजदूरों की आजीविका लंबे समय से इसी कार्य पर निर्भर रही है।

विधायक के अनुसार, नई व्यवस्था में मजदूरों को उनके पुराने कार्य से अलग किए जाने के बाद करीब 200 मजदूरों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।

पुरानी व्यवस्था या वैकल्पिक रोजगार की मांग

रागिनी सिंह ने सरकार से मांग की है कि एफसीआई गोदामों में काम करने वाले मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व की व्यवस्था के तहत उन्हें काम उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि नई व्यवस्था को जारी रखना जरूरी है तो मजदूरों के लिए वैकल्पिक रोजगार की ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए। व्यवस्था में बदलाव का असर गरीब मजदूरों और उनके परिवारों पर नहीं पड़ना चाहिए।

राशन वितरण में पारदर्शिता पर जोर

विधायक ने यह भी कहा कि गरीबों को मिलने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। राशन दुकानों तक समय पर अनाज पहुंचने और लाभुकों को खाद्यान्न मिलने की प्रक्रिया सुचारु रहना जरूरी है।

उन्होंने सरकार से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की समस्याओं का समाधान करने तथा मजदूरों के रोजगार को लेकर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

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