निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर सियासी टकराव, सांसद ढुलू महतो और विधायक अरूप चटर्जी ने निकाला अलग-अलग आक्रोश मार्च

निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर सियासी टकराव, सांसद ढुलू महतो और विधायक अरूप चटर्जी ने निकाला अलग-अलग आक्रोश मार्च

धनबाद: धनबाद जिले के निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बुधवार को धनबाद सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने अलग-अलग स्थानों पर आक्रोश मार्च निकालकर अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। दोनों कार्यक्रम करीब एक किलोमीटर की दूरी पर आयोजित हुए, जहां दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए।

अरूप चटर्जी ने पारदर्शिता और स्थानीय रोजगार की उठाई मांग

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के बैनर तले आयोजित आक्रोश मार्च में विधायक अरूप चटर्जी ने एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना का डीपीआर सार्वजनिक करने, निर्माण कार्य की निगरानी के लिए समिति गठित करने तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और प्रशासन उनके कार्यक्रम के प्रति निष्पक्ष रवैया नहीं अपना रहा है।

विधायक ने यह भी कहा कि वे फ्लाईओवर निर्माण के विरोधी नहीं हैं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और स्थानीय हितों की रक्षा चाहते हैं। उन्होंने आगामी 2029 के लोकसभा चुनाव का भी उल्लेख करते हुए सांसद के खिलाफ राजनीतिक मुकाबले की बात कही।

ढुलू महतो ने विधायक पर लगाया विकास विरोध का आरोप

दूसरी ओर सांसद ढुलू महतो ने अपने समर्थकों और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो के साथ विशाल पैदल मार्च और जनसभा आयोजित की। उन्होंने कहा कि निरसा की जनता विकास चाहती है और जो लोग विकास कार्यों का विरोध कर रहे हैं, उन्हें जनता समय आने पर जवाब देगी।

सांसद ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके परिवार के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हुआ, जबकि वर्तमान में विकास कार्यों को गति मिलने पर उनका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना का डीपीआर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन का विषय है, न कि सांसद का।

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया निरसा का माहौल

दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी बयानबाजी ने निरसा की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर परियोजना में पारदर्शिता और स्थानीय हितों का मुद्दा उठाया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे विकास विरोध बनाम विकास समर्थक राजनीति के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलिवेटेड फ्लाईओवर का मुद्दा अब केवल विकास परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आने वाले चुनावों की राजनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

आने वाले समय में और तेज हो सकती है सियासी जंग

निरसा में एक ही दिन दो बड़े शक्ति प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र की राजनीति में प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और फ्लाईओवर परियोजना की प्रगति पर टिकी रहेगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा धनबाद की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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