धनबाद: जिले के किसानों को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और अधिसूचित ग्राम पंचायतों में जाकर किसानों को योजना की जानकारी देगा।
मात्र ₹1 के टोकन शुल्क पर मिलेगा बीमा
जिला प्रशासन के अनुसार, खरीफ-2026 सीजन के तहत किसान केवल ₹1 के टोकन शुल्क पर फसल बीमा करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसानों से कोई अन्य बीमा शुल्क नहीं लिया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऋणी और गैर-ऋणी दोनों श्रेणी के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
धान और मक्का फसल को मिलेगा बीमा लाभ
धनबाद जिले के लिए अगहनी धान और भदई मकई को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। अगहनी धान के लिए बीमित राशि ₹76,228 प्रति हेक्टेयर तथा भदई मकई के लिए ₹53,467 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।
पंजीकरण के लिए ये दस्तावेज जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज अथवा वंशावली, बटाईदार होने की स्थिति में बटाई प्रमाण पत्र, फसल बुवाई का स्व-सत्यापित प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा।
किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण या जिला सहकारी बैंक शाखा, भारत सरकार के PMFBY पोर्टल तथा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं।
प्राकृतिक आपदा पर मिलेगी आर्थिक सहायता
प्राकृतिक आपदा, प्रतिकूल मौसम या फसल कटाई के बाद नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके आधार पर नियमानुसार क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उपायुक्त ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजना का लाभ पात्र किसानों तक पहुंच सके।

