रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और सीटों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को लेकर विधानसभा परिसर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में झरिया विधायक रागिनी सिंह सहित भाजपा और एनडीए के कई विधायक शामिल हुए।
कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
रागिनी सिंह ने युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और विश्वास के साथ अन्याय होता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।
सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने का दावा
रागिनी सिंह ने कहा कि भाजपा युवाओं के अधिकार, सम्मान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त होनी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास कायम रहे।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि JPSC एवं JSSC से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

