कैंसर कॉन्क्लेव 2026 का दूसरा दिन अकादमिक विमर्श के नाम, आधुनिक उपचार और शोध पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कैंसर कॉन्क्लेव 2026 का दूसरा दिन अकादमिक विमर्श के नाम, आधुनिक उपचार और शोध पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

धनबाद, 28 जून 2026। असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित दो दिवसीय कैंसर कॉन्क्लेव 2026 का दूसरा और अंतिम दिन वैज्ञानिक एवं अकादमिक सत्रों के लिए समर्पित रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कैंसर विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार तकनीकों, नवीनतम शोध, मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर मैनेजमेंट और रोगी-केंद्रित चिकित्सा पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में एम्स देवघर के निदेशक नितिन एम. गंगाने तथा बीबीएमकेयू के कुलपति राम कुमार सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा और विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न राज्यों से आए 200 से अधिक चिकित्सकों और कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार की नई तकनीकों, शोध, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और बेहतर क्लीनिकल प्रैक्टिस पर अपने अनुभव साझा किए। इससे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर के ज्ञान-विनिमय मंच के रूप में उभरकर सामने आया।

कार्यक्रम में असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट के सीईओ हरेंद्र सिंह, डायरेक्टर डॉ. नयन प्रकाश सिंह, जे.पी. सिंह, गोपाल सिंह, उदय प्रताप सिंह, प्रेसिडेंट (ग्रोथ एंड डेवलपमेंट) शुभांशु रॉय, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मेहर खत्री सहित संस्थान के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. बिप्लब मिश्रा, डॉ. आशुतोष पराशर, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. रजत महांति और डॉ. प्रियंका असावा मौजूद रहे।

वैज्ञानिक सत्रों में डॉ. चंद्रशेखर (एचसीजी रांची), डॉ. मनीषा वर्नेकर (सीएनसीआई कोलकाता), डॉ. कुणाल रंजन (महावीर कैंसर संस्थान, पटना), डॉ. एम.एम. बंद्योपाध्याय (क्लिनीलैब, धनबाद) तथा डॉ. दीपक कुमार (रांची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर) ने व्याख्यान दिए। विशेषज्ञों ने कैंसर की समय पर पहचान, प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी में हो रहे नए विकास, जटिल मामलों के बेहतर प्रबंधन और मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान केस-आधारित चर्चाएं, नवीन शोध निष्कर्षों की प्रस्तुति और आधुनिक उपचार प्रोटोकॉल पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन सत्रों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल को और अधिक समृद्ध करने का अवसर प्रदान किया।

असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और निरंतर अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना भी है। कैंसर कॉन्क्लेव 2026 का दूसरा दिन इसी संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव का समापन कैंसर जागरूकता, समय पर जांच, आधुनिक उपचार और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान-साझाकरण के मजबूत संदेश के साथ हुआ। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक सहयोग, अनुसंधान और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से कैंसर के खिलाफ लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

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