धनबाद: श्रमिक आंदोलन के पुरोधा एवं प्रख्यात श्रमिक नेता स्वर्गीय बढ़न दास के शहादत दिवस पर शनिवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर समाधि स्थल से ईस्ट कतरास कोलियरी स्थित उनकी प्रतिमा तक श्रद्धांजलि यात्रा निकाली गई।
समाधि स्थल से प्रतिमा तक निकली श्रद्धांजलि यात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय बढ़न दास के समाधि स्थल पर दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद श्रद्धांजलि यात्रा ईस्ट कतरास कोलियरी स्थित उनकी प्रतिमा तक पहुंची, जहां उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके उपरांत आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके संघर्षपूर्ण जीवन, श्रमिकों के अधिकारों के लिए किए गए योगदान और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया।
वक्ताओं ने उनके संघर्ष को बताया प्रेरणास्रोत
समाजसेवी विकास बजरंगी ने कहा कि स्वर्गीय बढ़न दास ने अपना संपूर्ण जीवन श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई को समर्पित किया। उनका संघर्ष और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
पूर्व मुखिया सीताराम भुइयाँ ने कहा कि दास बाबू ने ट्रेड यूनियन के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई पूरी निष्ठा और निर्भीकता के साथ लड़ी। श्रमिक समाज आज भी उनके योगदान को सम्मान के साथ याद करता है।
पिता के आदर्शों पर चलने का संकल्प
स्वर्गीय बढ़न दास के पुत्र राजकुमार दास ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सत्य, संघर्ष और सेवा का जो मार्ग उनके पिता ने दिखाया, उसी पर चलना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि वे उनके आदर्शों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
सभा में मौजूद लोगों ने स्वर्गीय बढ़न दास के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही श्रमिक हितों की रक्षा और उनके बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, श्रमिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

