धनबाद: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत धनबाद सदर अस्पताल में तीन महिलाओं का सफल और निःशुल्क उपचार किया गया। इलाज के बाद तीनों मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, निजी अस्पताल में इन उपचारों पर करीब 90 हजार से एक लाख रुपये तक का खर्च आ सकता था, लेकिन सरकारी योजना के तहत मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के इलाज की सुविधा मिली।
दो महिलाओं का सफल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि परमिला देवी और आशा देवी लंबे समय से अत्यधिक मासिक धर्म और लगातार रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही थीं। अधिक रक्तस्राव के कारण दोनों में गंभीर एनीमिया की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
अस्पताल में आवश्यक जांच के बाद पहले दोनों मरीजों की रक्त की कमी को दूर किया गया। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालने) का ऑपरेशन किया। उपचार के बाद दोनों महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गईं।
10 साल पुराना कॉपर-टी सफलतापूर्वक निकाला गया
तीसरी मरीज राखी देवी को लगभग दस वर्ष पहले कॉपर-टी लगाया गया था। निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर प्रयास के बावजूद इसे नहीं निकाला जा सका था। बाद में उन्होंने धनबाद सदर अस्पताल में इलाज कराया।
अस्पताल में जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने सफलतापूर्वक कॉपर-टी निकाल दिया। उपचार के बाद मरीज ने राहत जताते हुए अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
आयुष्मान योजना से मिला निःशुल्क इलाज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीनों मरीजों के उपचार पर निजी अस्पतालों में लगभग 90 हजार से एक लाख रुपये तक का खर्च हो सकता था। हालांकि आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध
उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने कहा कि धनबाद सदर अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोगों सहित विभिन्न जटिल शल्य चिकित्सा नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में की जा रही हैं। अस्पताल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक तंगी इलाज में बाधा न बने।

