धनबाद। विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हीरापुर स्थित जिला मत्स्य कार्यालय में कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मत्स्य किसानों को सम्मानित किया गया और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में संयुक्त मत्स्य निदेशक संजय कुमार गुप्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण तथा जिले के बड़ी संख्या में मत्स्य किसान उपस्थित रहे।
आधुनिक तकनीक से आसान और लाभदायक हुआ मत्स्य पालन
संयुक्त मत्स्य निदेशक संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि पहले मत्स्य पालन को कठिन और जटिल कार्य माना जाता था, लेकिन आधुनिक एवं कृत्रिम प्रजनन तकनीकों के उपयोग से यह क्षेत्र अब अधिक सरल और लाभकारी बन गया है।
उन्होंने बताया कि विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर पूरे झारखंड में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में धनबाद में भी मत्स्य किसानों को नई तकनीकों और विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में वैज्ञानिक मत्स्य पालन की दी गई जानकारी
जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण ने बताया कि कार्यशाला के दौरान किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन, तालाब प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने के उपाय तथा मत्स्य विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है।
मत्स्य किसानों को किया गया प्रोत्साहित
कार्यक्रम के दौरान मत्स्य किसानों को बेहतर उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के माध्यम से मत्स्य पालन को रोजगार और आय का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है।

