धनबाद। यूजीसी के नए नियम और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के विरोध में राजपूत विचार मंच की केंद्रीय कमेटी ने प्रेस वार्ता आयोजित की। केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष डी.एन. सिंह के आवासीय कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, आरक्षण और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
UGC के नए नियम वापस लेने की मांग
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया नियम छात्रों के लिए परेशानी पैदा करने वाला है। उनका कहना था कि बिना निष्पक्ष जांच के छात्रों को कार्रवाई के दायरे में लाने से मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
मंच के सदस्यों ने इस नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा से जुड़े नियमों को लागू किया जाना चाहिए।
आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग
राजपूत विचार मंच ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि देश में समानता की नीति लागू होनी चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ पक्षपात न हो।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के कारण गरीब और गरीब होता जा रहा है। मंच ने आरक्षण व्यवस्था पर व्यापक चर्चा और सुधार की आवश्यकता बताई।
छात्रों के समर्थन में कार्यक्रम की घोषणा
प्रेस वार्ता के दौरान जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन की भी घोषणा की गई। मंच की ओर से रणधीर वर्मा चौक पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
इसके अलावा प्रधानमंत्री को डाक के माध्यम से और धनबाद उपायुक्त के जरिए पत्र भेजकर अपनी मांगों एवं विरोध से अवगत कराने की बात कही गई।
आंदोलन तेज करने की बात
वक्ताओं ने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने या कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति इससे प्रभावित हुए बिना अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
प्रेस वार्ता में मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने छात्रों के मुद्दों पर अपनी मांगें दोहराते हुए संबंधित नियमों और व्यवस्थाओं में बदलाव की मांग की।

