उपायुक्त ने की धनबाद सदर, पुटकी व धनबाद अंचल की योजनाओं की समीक्षा, धनबाद सीओ को शो-कॉज

उपायुक्त ने की धनबाद सदर, पुटकी व धनबाद अंचल की योजनाओं की समीक्षा, धनबाद सीओ को शो-कॉज

धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने शुक्रवार को पुटकी स्थित धनबाद सदर प्रखंड कार्यालय के सभागार में धनबाद सदर, पुटकी तथा धनबाद अंचल में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं पेयजलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।बैठक के समानांतर सात टीमों द्वारा धनबाद सदर प्रखंड के नवाडीह, दामोदरपुर, धोखरा, सियालगुदरी, गोपीनाथडीह, पांडरकनाली और पेटिया पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीमों ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, जन वितरण प्रणाली, आंगनबाड़ी केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत अन्य योजनाओं की स्थिति का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी।रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने धोखरा, अरलगड़िया और दुबराजडीह के कनीय अभियंताओं (जेई), दुबराजडीह के सहायक अभियंता (एई) तथा सियालगुदड़ी के पंचायत सचिव के कार्यों पर असंतोष जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा।वहीं धनबाद अंचल की समीक्षा के क्रम में विभिन्न अभिलेखों एवं पंजीयों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने धनबाद अंचल के लिपिकों एवं अन्य कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया।बैठक में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बिनोद बिहारी चौक के समीप गैराबाद भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानों के निर्माण के मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उपायुक्त ने धनबाद अंचल अधिकारी को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही एसएनएमएमसीएच के आसपास तथा जेसी मल्लिक स्थित मल्लिक तालाब क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश भी दिए।उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवश्यक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित होती हैं, जबकि लैंड बैंक बनने से उपयुक्त भूमि का चयन आसान हो जाएगा।बैठक में पेयजलापूर्ति, जल जीवन मिशन, भूमि हस्तांतरण, मनरेगा, आवास निर्माण सहित कई अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिले में पेयजल समस्या के समाधान के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन महीनों में जलमीनार, सोलर जलमीनार एवं पाइपलाइन के माध्यम से तीन हजार से अधिक नए कनेक्शन दिए गए हैं तथा लगभग इतनी ही संख्या में जल स्रोतों की मरम्मत की गई है।उन्होंने बताया कि जिले में 450 से अधिक पेयजल योजनाएं लंबित हैं, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुटकी क्षेत्र की पेयजल समस्या के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि रेलवे के आद्रा मंडल से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। एनओसी मिलते ही पुटकी अंचल कार्यालय के आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, धनबाद सीओ रामप्रवेश कुमार, पुटकी सीओ विकास आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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