SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब है तो घबराएं नहीं, Form-6 भर सकेंगे पुराने मतदाता; चुनाव आयोग ने दी सफाई

SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब है तो घबराएं नहीं, Form-6 भर सकेंगे पुराने मतदाता; चुनाव आयोग ने दी सफाई

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर आयोग की सफाई

पश्चिम बंगाल। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम गायब होने के कारण परेशान पुराने मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम पहले की वोटर लिस्ट में दर्ज था, लेकिन SIR की ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे भी अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए Form-6 भर सकते हैं। केवल इस आधार पर कि उनका नाम पहले भी मतदाता सूची में था, उनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी।

चुनाव आयोग ने 3 नवंबर 2026 को पत्र संख्या 23/2026-ERS Vol-II के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की आशंकाएं दूर करना है, जो Form-6 में दी गई घोषणा के कारण आवेदन करने से हिचक रहे थे।

Form-6 की घोषणा से क्यों परेशान थे पुराने मतदाता?

Form-6 में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि उसका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। इस प्रावधान को लेकर उन लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, जो पिछले कई वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं, लेकिन SIR के दौरान उनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिला।

ऐसे मतदाताओं को आशंका थी कि पहले से मतदाता होने के बावजूद Form-6 भरने पर पहली बार नाम जुड़वाने की घोषणा करना गलत बयान माना जा सकता है। उन्हें डर था कि इससे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसी आशंका के कारण कई लोग आवेदन करने से बच रहे थे।

चुनाव आयोग ने क्या स्पष्ट किया?

आयोग ने बताया है कि Form-6 में पहली बार नाम शामिल किए जाने से संबंधित घोषणा 1 अगस्त 2022 से लागू संशोधित प्रारूप का हिस्सा है। SIR के दौरान ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर पुराने मतदाता भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 के जरिए अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का आवेदन कर सकते हैं।

आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार, केवल इस वजह से कि किसी मतदाता का नाम पहले की सूची में दर्ज था और उसने SIR के दौरान या उसके बाद Form-6 जमा किया है, उसके खिलाफ धारा 31 के तहत कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी। हालांकि, यह राहत इस शर्त के अधीन है कि आवेदक किसी दूसरी विधानसभा या संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत न हो और उसकी घोषणा कानून के अनुरूप हो।

नाम नहीं है तो ऐसे करें Form-6 के लिए आवेदन

जिन मतदाताओं का नाम SIR की ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे सबसे पहले निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपना नाम जांच सकते हैं। नाम नहीं मिलने पर वे संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर सकते हैं या निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए Form-6 जमा कर सकते हैं।

आवेदन के साथ निर्धारित नियमों के अनुसार आयु और सामान्य निवास से संबंधित जरूरी दस्तावेज देने होंगे। आधार कार्ड उपलब्ध होने पर उसे संबंधित पहचान या पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन दस्तावेजों की जरूरत और स्वीकार्यता Form-6 के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या संदर्भ संख्या सुरक्षित रखना उचित है, ताकि आगे आवेदन की स्थिति देखी जा सके।

मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए समय रहते करें आवेदन

चुनाव आयोग ने इस स्पष्टीकरण के जरिए उन पुराने मतदाताओं की परेशानी दूर करने की कोशिश की है, जिनका नाम SIR की ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को भ्रम या कानूनी कार्रवाई की आशंका में आवेदन करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल करने का निर्णय निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता की जांच के बाद ही होगा।

मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक पोर्टल या अपने BLO के माध्यम से सही जानकारी प्राप्त करें और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें। मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के इस्तेमाल के लिए जरूरी है।

News ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट।


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