धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित एक विशेष व्याख्यान में अमेरिका की ब्रिजवाटर स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रो. डायना फॉक्स ने लैंगिक समानता और समावेशी समाज के निर्माण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता केवल सामाजिक न्याय का मुद्दा नहीं है, बल्कि सतत विकास, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है।
प्रो. फॉक्स ने कहा कि जेंडर पर चर्चा केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें सभी लैंगिक पहचान वाले लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद जाति, वर्ग, धर्म, दिव्यांगता और अन्य सामाजिक चुनौतियां असमानता को बढ़ावा देती हैं, इसलिए समावेशी विकास के लिए सभी को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक समानता का अर्थ सभी को एक जैसा अवसर देना नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराना है। यही दृष्टिकोण समाज में न्याय और समानता को मजबूत कर सकता है।
प्रो. डायना फॉक्स ने जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है। इससे न केवल समाज को लाभ होगा, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद भी किया तथा वैश्विक स्तर पर लैंगिक समानता से जुड़े विभिन्न अनुभव साझा किए।इस अवसर पर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की डीन (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) प्रो. रजनी सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

