POK में 62वें दिन भी विद्रोह जारी, फायरिंग में 2 लोगों की मौत; 13 से ज्यादा घायल

POK में 62वें दिन भी विद्रोह जारी, फायरिंग में 2 लोगों की मौत; 13 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में पिछले दो महीने से ज्यादा समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन 62वें दिन भी जारी है। इंटरनेट बंद होने के बीच रविवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया।

सोमवार, 10 अगस्त को बाग और हवेली जिले की चार सीटों पर मतदान होना है। इससे करीब 15 घंटे पहले रविवार शाम प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) की ओर से फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबर है।

फायरिंग में 2 लोगों की मौत

हवेली जिले में हुई फायरिंग में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 13 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों की फायरिंग से एक घर भी प्रभावित हुआ। एक गोली खिड़की को पार करते हुए घर के अंदर बैठे 32 वर्षीय व्यक्ति को लग गई। उसका इलाज फिलहाल घर पर ही डॉक्टर की निगरानी में किया जा रहा है।

चार सीटों पर होना है मतदान

POK में सोमवार को पुंछ डिवीजन के पुंछ, सुधनोती, बाग और हवेली जिलों की कुल 11 सीटों पर चुनाव होना था। हालांकि, सुरक्षा कारणों और प्रदर्शनकारियों की धमकी के बाद अब केवल चार सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। इनमें बाग-1, बाग-2, बाग-3 और बाग-4 सीट शामिल हैं। रविवार को बाग-3 और हवेली जिले की बाग-4 सीट के आसपास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प और फायरिंग की खबर सामने आई।

प्रदर्शनकारियों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान

प्रदर्शनकारियों ने सोमवार के मतदान का भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है। बाग जिले में कई सड़कों को पत्थर रखकर बंद किए जाने की बात सामने आई है। 62 दिनों से चल रहे आंदोलन के प्रमुख आयोजकों में शामिल सरदार उमर नजीर ने चुनाव का विरोध करते हुए कहा कि POK में चुनाव दबाव और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच कराए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी ऐसे चुनाव के नतीजों को स्वीकार नहीं करेंगे।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति मतदान करना चाहता है तो अवामी एक्शन कमेटी उसे नहीं रोकेगी।

रावलाकोट बना आंदोलन का प्रमुख केंद्र

POK में जारी आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र रावलाकोट बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लगातार जुट रहे हैं। इंटरनेट बंदी और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच आंदोलन और चुनाव को लेकर तनाव बना हुआ है।

पीओके के पुंछ जिले का रावलाकोट शहर, जो पिछले 62 दिनों से विद्रोह का एपिसेंटर बन चुका है, वहां पर स्थित डी चौक जहां पर 27 जुलाई से प्रदर्शनकारी बैठे हुए हैं, उस डी चौक पर रविवार (9 अगस्त, 2026) को सरदार उमर नजीर ने दो बड़े ऐलान किए.

पहला ऐलान कि पूरे पीओके में 13 अगस्त को पाकिस्तानी सेना की 7 जून से जाती बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे. साथ ही विदेशों में स्थित पाकिस्तान के हाई कमीशन के बाहर भी 13 अगस्त को प्रदर्शन होगा.

13 अगस्त को बड़ी घोषणा और मांग कर सकती है कमेटी

इसके अलावा, सरदार उमर नजीर ने दूसरा बड़ा ऐलान किया कि 13 अगस्त को अवामी एक्शन कमेटी 13 अगस्त, 1948 के संयुक्त राष्ट्र के रेजोल्यूशन के तहत एक बड़ी घोषणा और मांग करेगी.

बता दें कि 13 अगस्त, 1948 को संयुक्त राष्ट्र (UN) के भारत-पाकिस्तान पर बने कमीशन ने रेजोल्यूशन पास किया था, जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तानी सेना और पख्तून लड़ाके पीओके खाली करें और भारतीय सेना पीओके में जरूरत के हिसाब से कम से कम सेना को तैनात करे.

साथ ही पीओके और जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह करवाया जाए. ऐसे में माना जा रहा है कि पीओके में 7 जून से पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी में 133 लोगों के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारी पीओके से पाकिस्तानी सेना के हटने की मांग कर सकते हैं. 

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