ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सेना के जमीनी बलों के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहांशाही ने कहा कि अगर किसी विदेशी सेना ने ईरान की जमीन में प्रवेश किया तो उसे तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
‘अमेरिकी सैनिक ईरान में आया तो रोकेंगे’
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अली जहांशाही ने कहा कि ईरान किसी भी विदेशी सैन्य घुसपैठ का प्रभावी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने खास तौर पर अमेरिकी सैनिकों को लेकर चेतावनी दी और कहा कि ईरान की जमीन पर किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी के प्रवेश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना सीमावर्ती इलाकों में पूरी तरह सतर्क है और संभावित खतरों पर लगातार नजर रख रही है।
अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं
सैन्य चेतावनी के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के जरिए किया जा रहा है।
अराघची के मुताबिक, ईरान तब तक सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं है, जब तक अमेरिका से जुड़े मौजूदा विवादों और समझौतों को लेकर स्थिति साफ नहीं होती।
इस तरह एक तरफ ईरान की ओर से सैन्य चेतावनी दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ मध्यस्थों के जरिए कूटनीतिक संपर्क भी जारी है।
अमेरिका पुरानी शर्तों का उल्लंघन ठीक करे
अराघची ने बताया कि कई देश दोनों देशों के बीच दोबारा बातचीत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, ईरान तब तक सीधे बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार नहीं है, जब तक अमेरिका पिछले समझौते के कथित उल्लंघनों को ठीक नहीं करता.
उन्होंने कहा कि कुछ मध्यस्थ देश अभी भी बातचीत की जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ईरान के अनुसार, अमेरिका की ओर से इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के उल्लंघन का मामला खत्म होने और हुए नुकसान की भरपाई किए जाने तक बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं है.
होर्मुज स्ट्रेट पर ओमान से बातचीत अंतिम चरण में
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है. दोनों देश स्ट्रेट के लिए कानूनी व्यवस्था और जहाजों की आवाजाही के नए मार्ग को लेकर बातचीत कर रहे हैं.

