धनबाद: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC), रांची के तत्वावधान में आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 रविवार को धनबाद जिले के सभी 108 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई। जिला प्रशासन की ओर से किए गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। दोनों पालियों को मिलाकर 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
दो पालियों में आयोजित हुई परीक्षा
जिले में JTET 2026 की पहली पाली पूर्वाह्न 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चली। परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी 108 केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई। परीक्षा के दौरान कहीं भी अव्यवस्था या कदाचार की सूचना सामने नहीं आई। अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन कराया गया।
डीसी, एसएसपी और एसडीएम ने किया केंद्रों का निरीक्षण
परीक्षा के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे ने जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, बीएसएस महिला कॉलेज, बीएसएस बालिका उच्च विद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद, अभय सुंदरी गर्ल्स हाई स्कूल और प्राणजीवन एकेडमी का जायजा लिया।
इसके अलावा एसएसएलएनटी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, डीएवी प्लस टू हाई स्कूल धनबाद, खालसा स्कूल बैंक मोड़ और उत्क्रमित उच्च विद्यालय लोवाडीह समेत अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और विधि-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विद्यालयों का भी जायजा लिया। उन्होंने विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और वहां उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से हुई निगरानी
परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले सघन जांच यानी फ्रिस्किंग की गई। केंद्रों पर सिंगल गेट एंट्री की व्यवस्था लागू रही। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से परीक्षा गतिविधियों पर नजर रखी गई।

प्रश्नपत्रों के वितरण की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। प्रशासन ने परीक्षा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्राधीक्षकों और प्रतिनियुक्त अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे।
परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे के निर्देशानुसार सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का कड़ाई से अनुपालन कराया गया। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना था।

समाहरणालय स्थित जिला परीक्षा नियंत्रण कक्ष से पूरे जिले के परीक्षा केंद्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से परीक्षा संचालन और विधि-व्यवस्था से संबंधित सूचनाओं पर नजर रखी गई, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सफल आयोजन पर प्रशासन ने जताया आभार
परीक्षा के शांतिपूर्ण और निर्बाध आयोजन के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों, वीक्षकों तथा सहयोगी विभागों के योगदान की सराहना की।
जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले के सभी 108 केंद्रों पर JTET 2026 की परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी रही।

