धनबाद: नागरिकों को नगर निगम की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके घर के निकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धनबाद नगर निगम ने गुरुवार को झरिया अंचल कार्यालय में बृहद जनसुविधा शिविर का आयोजन किया। शिविर की अध्यक्षता नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने की।
विभिन्न योजनाओं के लिए लिए गए आवेदन
शिविर में नगर निगम की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवेदनों और शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।

नगर आयुक्त ने बताया कि जून माह में आयोजित जनसुविधा शिविर में प्राप्त 102 शिकायतों में से 96 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।
कई नागरिक सुविधाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध
शिविर में राजस्व संग्रहण, ट्रेड लाइसेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, बिजली संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए गए। बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी निगम प्रशासन के समक्ष रखे।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट का वितरण
कार्यक्रम के दौरान शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। इसमें नागरिकों और नगर निगम के सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया गया।

इसके अलावा सफाई मित्रों को सुरक्षा किट (सेफ्टी किट) वितरित की गई। मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए नई मशीनयुक्त फॉगिंग वाहन तथा वर्षा ऋतु में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए हेवी मोटर भी जनता को समर्पित की गई।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
शिविर के दौरान झरिया अंचल कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, कनिष्ठ अभियंता, राजस्व निरीक्षक सहित नगर निगम के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि धनबाद नगर निगम नागरिकों को बेहतर, सुगम और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से निगम के विभिन्न अंचलों में नियमित रूप से जनसुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना अपने क्षेत्र में ही योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सके।

