धनबाद के निरसा-गोविंदपुर मार्ग पर निर्माणाधीन एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना से जुड़ी पेटी ठेकेदार कंपनी जीत एशिया प्राइवेट लिमिटेड को जिला खनन विभाग ने कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी किया है। कंपनी पर बिना आवश्यक अनुज्ञप्ति के प्लांट संचालित करने तथा खनिज नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। विभाग ने सात दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
संयुक्त निरीक्षण में सामने आईं कथित अनियमितताएं
जिला खनन विभाग के अनुसार, 15 मई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी, निरसा अंचल अधिकारी, खान निरीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम ने डॉन बॉस्को स्कूल के समीप स्थित कंपनी परिसर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में स्टोन चिप्स, बालू, क्रशर प्लांट, आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट और हॉट मिक्स प्लांट का संचालन पाया गया। विभाग का दावा है कि जांच में संबंधित प्लांटों के लिए आवश्यक डीलर्स अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) उपलब्ध नहीं मिली।
अन्य राज्य से बालू लाने और नियम उल्लंघन का आरोप
खनन विभाग का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत परिवहन चालानों में बालू और स्टोन चिप्स के भंडारण से संबंधित विवरण मिला, जिसमें कुछ मात्रा में बालू दूसरे राज्य से लाए जाने का उल्लेख भी था।
विभाग का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कंपनी द्वारा खनिजों का उपयोग संबंधित प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसी आधार पर Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 तथा झारखंड मिनरल (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली के कथित उल्लंघन का उल्लेख करते हुए नोटिस जारी किया गया है।
सात दिनों में मांगा गया जवाब
जिला खनन पदाधिकारी ने कंपनी के निदेशक श्री कृष्णा सिंह को जारी नोटिस में निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक अरूप चटर्जी ने उठाए सवाल
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि राज्य में कार्य करने वाली प्रत्येक कंपनी को कानून और खनिज नियमों का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी संस्था को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कंपनी का पक्ष आना बाकी
इस मामले में जीत एशिया प्राइवेट लिमिटेड का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार तैयार किए जाने तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
यदि कंपनी इस संबंध में अपना पक्ष जारी करती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
