धनबाद के सिंदरी स्थित बिरसा समिति कार्यालय में मंगलवार को हूल क्रांति दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने संथाल हूल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके संघर्ष, बलिदान और जनअधिकारों की रक्षा के संदेश को याद किया। इस दौरान सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो का जल-जंगल-जमीन और माटी की रक्षा से जुड़ा संदेश भी साझा किया गया।
हूल क्रांति के वीर नायकों को दी गई श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि हूल क्रांति भारतीय इतिहास में अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ जनसंघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, फूलो-झानो और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जैसे जननायकों का बलिदान समाज को स्वाभिमान, अधिकार और न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जनअधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
सभा में वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय समाज के वीरों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में जल-जंगल-जमीन, जनअधिकार और सामाजिक सरोकारों की रक्षा के लिए संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने तथा शहीदों के अधूरे सपनों को साकार करने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
विधायक का संदेश भी किया गया साझा
कार्यक्रम के दौरान सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो का संदेश पढ़कर सुनाया गया, जिसमें जल-जंगल-जमीन, माटी और जनअधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास और अधिकारों की सुरक्षा के लिए सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
नारों के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
श्रद्धांजलि सभा का समापन “जोहार हूल”, “वीर शहीद अमर रहें” और “जल-जंगल-जमीन हमारी पहचान” जैसे नारों के साथ हुआ। कार्यक्रम में बिरसा समिति के पदाधिकारी, भाकपा (माले) के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

