धनबाद: बसोरिया के धारिया-जोबा बस्ती में रैयत विस्थापित मोर्चा की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के रैयत और विस्थापित शामिल हुए। इस दौरान रोजगार, मुआवजा और रैयतों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
STG आउटसोर्सिंग में स्थानीय लोगों को रोजगार की मांग
बैठक में STG आउटसोर्सिंग में स्थानीय लोगों को नियोजन देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलना चाहिए।
बैठक में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
BCCL से उचित और जल्द मुआवजे की मांग
रैयतों ने BCCL प्रबंधन से प्रभावित परिवारों को उचित और जल्द मुआवजा देने की मांग रखी। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभावित रैयतों के अधिकारों के लिए संगठन लगातार आवाज उठाएगा।
उन्होंने कहा कि रैयतों और विस्थापितों के अधिकारों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
असामाजिक तत्वों को दी गई हिदायत
बैठक के दौरान असामाजिक तत्वों को भी हिदायत दी गई कि वे रैयत-विस्थापितों के हित में चल रहे प्रयासों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करें।
मोर्चा ने स्थानीय लोगों और प्रभावित रैयतों के हित में अपनी गतिविधियों को आगे भी जारी रखने की बात कही।
एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प
बैठक के अंत में मौजूद रैयत एवं विस्थापितों ने एकजुट होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक में आगामी दिनों में संगठन की गतिविधियों और आंदोलन की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई।
रैयत विस्थापित मोर्चा के पदाधिकारी
अध्यक्ष: भागीरथ रवानी
उपाध्यक्ष: भीम प्रमाणिक
महामंत्री: विकास रवानी
सचिव: पंकज यादव
महासचिव: रमेश बाउरी
कोषाध्यक्ष: राजू रजक
मुख्य प्रवक्ता: चन्द्र शेखर पाठक
मीडिया प्रभारी: गणेश टुडू, रविन्द्र राम, मुकेश रवानी, बाबर अली एवं प्रताप रवानी।
कार्यकारिणी सदस्य
संजय यादव, अशोक तिवारी, प्रदीप रवानी, अमन कुमार रवानी, महतो साव, विनोद रवानी, बिनोद यादव, प्लेन यादव, बबलू यादव, सुभाष यादव, विन्द्रर यादव, मंटू दास, अजय दास, महेन्द्रर खानी, भागीरथ दास, मथन दास, प्रदिप खानी, महेश तिवारी, सचिदानंद तिवारी, अली अंसारी एवं घलटू महतो।

