धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने जिले में पेयजल संकट और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए एगारकुण्ड, कलियासोल और धनबाद प्रखंड कार्यालय के आसपास डीएमएफटी मद से बड़े तालाब निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन तालाबों से जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक में सभी विभागीय प्रमुखों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से जिला प्रशासन द्वारा विकसित जल सेवा ऐप के माध्यम से खराब चापाकलों और जलमीनारों की शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित कर स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी भवनों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का सर्वे कराने का निर्देश दिया गया।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के एक कनीय अभियंता को एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) की एंट्री नहीं करने पर फटकार भी लगाई गई।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उपायुक्त ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायतों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रमदान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मॉडल सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC) और वेस्ट-टू-आर्ट पार्क (सैनिटेशन पार्क) के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों के चयन का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा उच्च विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में 15वें वित्त आयोग की राशि से भस्मक (इंसिनरेटर) निर्माण के लिए योजनाएं स्वीकृत करने को कहा गया।बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

