धनबाद: जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार कल्याण विभाग की ओर से तोपचांची प्रखंड के छह विद्यालयों के कुल 156 छात्र-छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के विद्यालय आने-जाने की परेशानी कम करना, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा ड्रॉपआउट दर में कमी लाना है।
छह विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में तोपचांची प्रखंड के छह विद्यालयों को शामिल किया गया। इनमें मध्य विद्यालय नेरो, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पावपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पहाड़पुर, मध्य विद्यालय जगलाल गोमो, मध्य विद्यालय श्रीरामपुर तथा बालिका मध्य विद्यालय तोपचांची शामिल हैं।
इन विद्यालयों के कुल 156 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई, जिनमें 75 छात्र और 81 छात्राएं शामिल हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ वितरण
साइकिल वितरण कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित ढंग से साइकिल चलाने और नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए भी प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार की यह पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त ने अभिभावकों से किया सहयोग का आग्रह
उपायुक्त आदित्य रंजन ने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है।
शिक्षा और भविष्य को मजबूत बनाने की पहल
जिला प्रशासन का मानना है कि निःशुल्क साइकिल वितरण जैसी योजनाएं विद्यार्थियों की विद्यालय तक पहुंच आसान बनाती हैं। इससे न केवल पढ़ाई में निरंतरता बनी रहती है, बल्कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह भी बढ़ता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचें और बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को मजबूत बनाएं।

