धनबाद में DMFT की समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य-शिक्षा और पेयजल योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

धनबाद में DMFT की समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य-शिक्षा और पेयजल योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

धनबाद: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की अंतर-विभागीय समीक्षा सह समन्वय बैठक शुक्रवार को धनबाद क्लब में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में DMFT मद से संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई।

बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, खनन प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन विकसित करने, कुपोषण से निपटने, पेयजल संकट के स्थायी समाधान और सड़क सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश

समाज कल्याण तथा महिला, बाल विकास एवं कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका और कनीय अभियंताओं को संयुक्त रूप से बैठक कर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थल चयन करने और निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बाउंड्री वॉल, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पोषण वाटिका विकसित करने पर भी जोर दिया। वन स्टॉप सेंटर, ICDS, सर्विस डिलीवरी स्टेटस, आभा आईडी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भी समीक्षा की गई।

स्कूलों की व्यवस्था और सुरक्षा की होगी निगरानी

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पीएम श्री, मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, स्कूल मॉनिटरिंग कमिटी, सिलेबस, रेल एसेसमेंट, सोशल ऑडिट, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, चाइल्ड विद स्पेशल नीड्स और पुस्तकों के वितरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने सितंबर से नवंबर के बीच जिले के सभी अप्राधिकृत निजी विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया।

उन्होंने दिसंबर से पहले सभी विद्यालयों में बेंच-डेस्क की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों की शिफ्टिंग के दौरान SOP का पालन करने, रसोइया भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और बगुला स्थित आवासीय विद्यालय में पेयजल आपूर्ति शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों और प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से मातृ स्वास्थ्य और संस्थागत प्रसव की स्थिति पर चर्चा हुई।

निरसा, बलियापुर, बाघमारा और झरिया प्रखंडों में संस्थागत प्रसव की कम दर पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने तथा वेतन वृद्धि से संबंधित फाइल आगे बढ़ाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया।

बाघमारा, बलियापुर, झरिया और निरसा के संबंधित सीएचओ के वेतन पर रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश भी दिया गया।

उपायुक्त ने 30 सितंबर तक सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और स्वास्थ्य उपकेंद्रों (HSC) का बीडीओ एवं सीओ द्वारा रात्रि भ्रमण करने को कहा। इस दौरान डॉक्टरों और कर्मियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा।

11 अगस्त से राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत

उपायुक्त ने बताया कि जिले में 11 अगस्त से राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

साथ ही अनरजिस्टर्ड और अनरिकॉग्नाइज्ड संस्थानों का औचक निरीक्षण करने के लिए बीडीओ और सीओ को निर्देशित किया गया। निरीक्षण एवं भ्रमण की निगरानी अनुमंडल दंडाधिकारी करेंगे।

पेयजल, सड़क और आधारभूत योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में पेयजल और स्वच्छता विभाग तथा भौतिक आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए जल संरक्षण परियोजनाओं को गति देने और सड़क तथा अन्य जरूरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर योजनाओं की निगरानी करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों में हाईटेंशन तार, बिजली कनेक्शन की समस्या, आंगनबाड़ी और अस्पतालों में पानी-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बिना भवन के संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थल चिह्नित किए जाएं और जर्जर सरकारी भवनों को आवश्यकतानुसार स्थानांतरित किया जाए। सरकारी भवनों में बाउंड्री निर्माण तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित सड़क और नाली जैसी योजनाओं को समय पर पूरा करने का भी निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने बताया कि संबंधित ठेकेदारों और एजेंसियों ने 30 अक्टूबर तक सभी योजनाओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया है।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक के समापन के बाद उपायुक्त ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं की गुणवत्ता और गति बनाए रखना है। अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आंगनबाड़ी, स्वरोजगार, कौशल विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए।

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, डीएलएओ राम नारायण खालको, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, जिला शिक्षा अधीक्षक शालिनी डुंगडुंग, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक प्रो. डॉ. दिनेश कुमार गिंदौरिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, एमओआईसी, अभियंता और DMFT टीम के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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