धनबाद: रणधीर वर्मा चौक पर सोमवार को संवेदकों ने लंबित भुगतान, रॉयल्टी चालान व्यवस्था और निर्माण कार्यों में आ रही परेशानियों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता संवेदक संघ के अध्यक्ष आकाश रवानी ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ संवेदक रामनरेश सिंह ने किया।
भुगतान नहीं मिलने से सरकारी योजनाएं प्रभावित होने का दावा
धरने को संबोधित करते हुए आकाश रवानी ने कहा कि संवेदकों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण संवेदकों ने सड़क निर्माण विभाग (RCD) की निविदा प्रक्रिया में स्वेच्छा से भाग नहीं लिया।
उनका कहना था कि यदि जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में भी संवेदक निविदाओं से दूरी बनाए रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि पूंजी की कमी के कारण कई सरकारी विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
पुरानी रॉयल्टी चालान व्यवस्था बहाल करने की मांग
वरिष्ठ संवेदक रामनरेश सिंह ने कहा कि जब तक नई व्यवस्था व्यवहारिक रूप से लागू नहीं हो जाती, तब तक रॉयल्टी चालान की पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाना चाहिए।

वहीं वरिष्ठ संवेदक डब्ल्यू झा ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में उपयोग होने वाली मिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री के लिए पर्याप्त रॉयल्टी चालान उपलब्ध कराना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसमें सुधार की मांग की।
बालू की उपलब्धता और लागत पर भी जताई चिंता
वरिष्ठ संवेदक राजेश सिंह ने कहा कि बालू की बढ़ती कीमत और उपलब्धता निर्माण कार्यों में बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सामग्री पड़ोसी राज्यों से लानी पड़े तो परियोजनाओं की लागत और परिवहन दूरी (लीड) के कारण संवेदकों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार किया जाएगा।
बड़ी संख्या में संवेदक रहे मौजूद
धरना कार्यक्रम में लक्ष्मण सिंह, समीर रवानी, दीपक गोराई, राजीव सिंह, मनोज सिंह, मनोरंजन सिंह, प्रदीप चौरसिया, विकास सिंह चौधरी, दिवाकर सिंह, काशीनाथ प्रसाद, दीपक सिंह, शंकर सिंह, राजीव रंजन, पप्पू चौरसिया, वीरेंद्र यादव, शौकत खान, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में संवेदक उपस्थित रहे।

