धनबाद: दुर्गा पूजा आस्था, उल्लास और भक्ति का पर्व है, लेकिन पश्चिम बंगाल के चोरबागान स्थित पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना ने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया है। हादसे में लोगों की मौत की खबर से हर तरफ शोक का माहौल है। इसी दर्द और संवेदना को धनबाद के एक कलाकार ने अपनी कला के माध्यम से कैनवास पर उकेरने का प्रयास किया है।
धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर कलाकार रमेश ने मां दुर्गा के उदास चेहरे की तस्वीर बनाकर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। चित्र में मां दुर्गा के भावुक चेहरे के साथ पश्चिम बंगाल का मानचित्र भी दर्शाया गया है, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
मां दुर्गा के उदास चेहरे से व्यक्त की संवेदना
कलाकार की यह पेंटिंग केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति दुख और संवेदना की अभिव्यक्ति है। मां दुर्गा के चेहरे पर उकेरे गए उदासी के भाव पश्चिम बंगाल की घटना से उपजे दर्द को दर्शाते हैं।
जहां एक ओर पूजा पंडालों में भक्ति और उत्सव का माहौल है, वहीं इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। कलाकार ने अपनी कूची के जरिए लोगों का ध्यान उन परिवारों की पीड़ा की ओर खींचने की कोशिश की है, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।
पश्चिम बंगाल के मानचित्र के जरिए दिया संदेश
पेंटिंग में मां दुर्गा के चित्र के साथ पश्चिम बंगाल का मानचित्र बनाया गया है। इस संयोजन के माध्यम से कलाकार ने हादसे के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। तस्वीर यह संदेश देती है कि त्योहार की खुशियों के बीच दुख झेल रहे परिवारों को भी याद रखना और उनके प्रति संवेदनशील बने रहना जरूरी है।
रणधीर वर्मा चौक पर बनाई गई यह कलाकृति लोगों को उत्सव के साथ मानवीय संवेदनाओं और दूसरों के दुख को समझने की भी याद दिलाती है।
कलाकार रमेश ने कहा- पीड़ित परिवारों के दर्द को समझना जरूरी
कलाकार रमेश ने कहा कि दुर्गा पूजा आस्था और परंपरा का पर्व है। इसे पूरे श्रद्धा भाव से मनाना चाहिए, लेकिन पश्चिम बंगाल में हुई दुखद घटना को देखते हुए संवेदनशीलता बनाए रखना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते समय उन लोगों के दुख को समझना चाहिए, जिन्होंने हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है। परंपराओं का निर्वहन करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और सम्मान का भाव बनाए रखना चाहिए।
रंगों और कूची से दिया इंसानियत का संदेश
कलाकार रमेश ने अपनी कला के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि त्योहारों की खुशियों के बीच इंसानियत और संवेदना का भाव कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। मां दुर्गा के उदास चेहरे में हादसे का दर्द और पूरी कलाकृति में पीड़ितों के प्रति श्रद्धा दिखाई देती है।
यह प्रयास याद दिलाता है कि त्योहारों की असली खूबसूरती केवल खुशियां मनाने में नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने में भी है।

