धनबाद: धनबाद के रणधीर प्रसाद वर्मा स्टेडियम में शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने परेड का निरीक्षण किया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ।
समारोह के दौरान उपायुक्त ने जिलेवासियों को संबोधित करते हुए धनबाद में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, शहरी सुविधाओं और आधारभूत संरचना से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी।
प्रदूषण नियंत्रण मूल्यांकन में धनबाद को मिले 100 में 100 अंक
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मूल्यांकन में धनबाद शहर को 100 में 100 अंक मिले हैं।
शहरी विकास के क्षेत्र में सड़कों के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और फुटओवरब्रिज निर्माण के साथ श्रमिक चौक स्थित गया पुल अंडरपास के चौड़ीकरण का काम भी प्रगति पर बताया गया।
नमामि गंगे परियोजना के तहत 769.9 करोड़ रुपये की लागत से 192 एमएलडी क्षमता वाले पांच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्वीकृति मिली है। इनमें प्रथम चरण का काम शुरू होने की जानकारी दी गई।
अमृत 2.0 योजना के तहत बरमसिया, लोको और राजा तालाब के सौंदर्यीकरण तथा 60 एकड़ में फैले पम्पू तालाब के पुनर्जीवन की दिशा में भी काम चल रहा है।
6,464 सखी मंडल की महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उपायुक्त ने बताया कि जिले के 1.48 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 13,048 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
जिले में 6,464 सखी मंडल की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 5,822 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 2,429 लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई।
‘फुलो झानो आशीर्वाद अभियान’ के माध्यम से 2,283 महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़े जाने की बात भी कही गई।
सदर अस्पताल की OPD सेवा 7 हजार से बढ़कर 14 हजार
स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने बताया कि धनबाद सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा 7 हजार से बढ़कर 14 हजार हो गई है। अस्पताल में 80 से अधिक प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि अर्श क्लिनिक रैंकिंग में धनबाद राज्य में प्रथम और देश में तीसरे स्थान पर रहा है।
इसके अलावा 38 स्वास्थ्य उपकेंद्रों और एक डिलीवरी सेंटर को विकसित करने का काम चल रहा है। जिले की 2,277 सहियाओं को किट उपलब्ध कराई गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी जिले ने दर्ज की उपलब्धि
उपायुक्त ने बताया कि जिले में 118 विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण की योजना स्वीकृत की गई है। वहीं 283 आंगनबाड़ी योजनाओं के तहत नए भवन निर्माण और जीर्णोद्धार का कार्य जारी है।
शैक्षणिक परिणामों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मैट्रिक में जिले का परिणाम 95.84 प्रतिशत रहा। इंटर विज्ञान में 84.32 प्रतिशत, वाणिज्य में 94.92 प्रतिशत और कला में 97.40 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया।
2.75 लाख से अधिक पेंशनधारियों को समय पर भुगतान
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत जिले में 2,75,890 पेंशनधारियों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।
‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत जुलाई 2026 तक 3,46,145 लाभुकों को राशि का भुगतान किए जाने की बात उपायुक्त ने कही।
वहीं राष्ट्रीय और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 20.48 लाख से अधिक सदस्यों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में 19 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र संचालित हैं।
झरिया पुनर्वास में 215 परिवारों का स्थानांतरण
झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार की गतिविधियों की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि 81 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से 215 परिवारों को स्थानांतरित किया गया है।
स्थानांतरित परिवारों को 50 हजार रुपये की शिफ्टिंग सहायता, एक लाख रुपये का लाइवलीहुड ग्रांट और एक लाख रुपये की रेंटल असिस्टेंस दिए जाने की जानकारी दी गई।

बेलगड़िया टाउनशिप के फेज-5 में 82.90 करोड़ रुपये की लागत से 2,000 आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 72 प्रतिशत काम पूरा होने की बात कही गई। इसके अलावा 7.09 करोड़ रुपये की लागत से रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट और 395 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की जानकारी दी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 100 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत
ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए 100 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई। पेयजल आपूर्ति के लिए 5 करोड़ रुपये की 23 योजनाएं भी स्वीकृत हैं।

तोपचांची में 41 बंद जलमीनारों में डीप बोरिंग तथा टुंडी में 500 घरों को जलापूर्ति से जोड़ने की जानकारी उपायुक्त ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले की 55 पंचायतों में मॉडल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं और 111 अतिरिक्त पंचायतों में इनके निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना’ के तहत आठ वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं।
समारोह में मौजूद रहे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी
मुख्य समारोह में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन घनश्याम दुबे और एमेली बसु ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए।

