नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने नियमों का पालन नहीं करने पर IndusInd Bank समेत चार वित्तीय संस्थानों पर जुर्माना लगाया है। इनमें सबसे ज्यादा जुर्माना इंडसइंड बैंक पर लगाया गया है। RBI की जांच में इन संस्थानों में अलग-अलग नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी।
IndusInd Bank पर 59.20 लाख रुपये का जुर्माना
RBI ने IndusInd Bank पर 59.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक पर जमा राशि की ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है।
जांच में पाया गया कि बैंक ने कुछ करंट अकाउंट में जमा रकम पर ब्याज दिया, जबकि इन खातों पर ब्याज देने के अलग नियम हैं। इसके अलावा बैंक ने सिंथेटिक सिक्योरिटाइजेशन से जुड़ी ऐसी गतिविधियां भी कीं, जो RBI के नियमों के मुताबिक नहीं थीं।
तीन अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई
RBI ने इंडसइंड बैंक के अलावा तीन अन्य वित्तीय संस्थानों पर भी जुर्माना लगाया है।
- Fusion Finance: KYC नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करने पर 2.7 लाख रुपये का जुर्माना।
- Northern Arc Capital: ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी और Internal Ombudsman के नियमों में लापरवाही के कारण 6.2 लाख रुपये का जुर्माना।
- Muthoot MCred: कुछ NPA खातों को जरूरी भुगतान के बिना Standard श्रेणी में रखने पर 3.1 लाख रुपये का जुर्माना।
क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
RBI ने साफ किया है कि ये जुर्माने नियमों के उल्लंघन के कारण लगाए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि इन संस्थानों के ग्राहकों के साथ कोई धोखाधड़ी हुई है। अगर आपका खाता इंडसइंड बैंक में है या आप इन अन्य वित्तीय संस्थानों के ग्राहक हैं, तो आपके खाते या सामान्य बैंकिंग सुविधाओं पर इस कार्रवाई का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
बताया गया है कि इंडसइंड बैंक, Northern Arc Capital और Fusion Finance की जांच 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई थी।

