बारामुड़ी खटाल में अवैध कोयले का भंडाफोड़, 150 बोरी कोयला जब्त; दो पिकअप वैन भी पुलिस के कब्जे में

बारामुड़ी खटाल में अवैध कोयले का भंडाफोड़, 150 बोरी कोयला जब्त; दो पिकअप वैन भी पुलिस के कब्जे में

धनबाद: बारामुड़ी खटाल में मकानों को खाली कराने की प्रक्रिया के दौरान कथित अवैध कोयले का मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम को इलाके में बड़ी संख्या में बोरियों में रखा कच्चा कोयला मिला। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर धनबाद थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 150 बोरी कोयला और दो पिकअप वैन जब्त कर लीं। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।

मकानों पर नोटिस चिपकाने पहुंची थी प्रशासनिक टीम

जानकारी के अनुसार, अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार बारामुड़ी खटाल में करीब 150 मकानों पर कारण बताओ नोटिस चिपकाने पहुंचे थे। प्रशासन की यह कार्रवाई मकानों को खाली कराने की प्रक्रिया से जुड़ी बताई गई है।

इसी दौरान खटाल के बीचोंबीच बोरियों में भरकर रखा गया भारी मात्रा में कच्चा कोयला अधिकारियों की नजर में आया। कोयले की मात्रा देखकर प्रशासनिक टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी।

उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई

कोयला मिलने के बाद सीओ रामप्रवेश कुमार ने इसकी सूचना धनबाद के उपायुक्त को दी। बताया गया है कि उपायुक्त के निर्देश पर धनबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जब्ती की कार्रवाई की।

पुलिस ने करीब 150 बोरी कच्चा कोयला और दो पिकअप वैन जब्त किए। कार्रवाई के बाद जब्त कोयले को धनबाद थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब इस मामले में कोयले के स्रोत और उसके भंडारण से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

सतीश यादव और मुकेश यादव पर आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, सतीश यादव और मुकेश यादव पर मोटरसाइकिल के जरिए कोयला इकट्ठा करने और बाद में पिकअप वैन से उसे दूसरे जिलों में भेजने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि, दोनों व्यक्तियों की कथित भूमिका और कोयले के अवैध कारोबार से उनके संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कोयला कहां से लाया गया था और उसे किस उद्देश्य से जमा किया गया था।

जब्ती के बाद जांच पर टिकी नजरें

मकानों पर नोटिस चिपकाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने कोयले का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। जब्त कोयले और वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, मामले में कोयले की जब्ती की परिस्थितियों, उसके स्रोत और कथित परिवहन नेटवर्क से संबंधित आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *