धनबाद। देश को आजाद हुए सात दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन बाघमारा प्रखंड के दमगड़ा बड़ा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 2 स्थित बड़ा जमुआ बस्ती का तूरी टोला आज भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है।
एनएच और हाईवे से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस दलित बहुल टोले तक आज तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। सड़क नहीं होने के कारण यहां रहने वाले ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में धनबाद उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगाई।
बरसात में टापू जैसा बन जाता है गांव
स्थानीय निवासी सुधीर तूरी ने ग्रामीणों की समस्या बताते हुए कहा कि गर्मी और ठंड के मौसम में लोग किसी तरह खेतों और पगडंडियों के रास्ते आवागमन कर लेते हैं।
लेकिन बरसात शुरू होते ही स्थिति बेहद खराब हो जाती है। कीचड़ और जलजमाव के कारण गांव से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में बस्ती का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट जाता है और पूरा इलाका टापू जैसा नजर आने लगता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर और कच्चे रास्ते से गुजरने के दौरान कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
वर्ष 2014 से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से लगा रहे गुहार
ग्रामीणों का आरोप है कि वे वर्ष 2014 से लगातार सड़क निर्माण की मांग उठा रहे हैं। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने विधायक, मुखिया और सांसद के समक्ष भी अपनी समस्या रखी, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से मुलाकात कर सड़क की समस्या से अवगत कराया था। हालांकि, उनकी मांग पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने का दावा किया गया है।
अब धनबाद डीसी से ग्रामीणों को उम्मीद
लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण अब धनबाद जिला प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसी उद्देश्य से बड़ी संख्या में ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और सड़क निर्माण की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उपायुक्त की कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये की जानकारी मिली है। इसी विश्वास के साथ वे अपनी समस्या लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तूरी टोला तक जल्द पक्की सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जल्द पहल नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार समेत अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए भी आवश्यक है। अब देखना होगा कि बड़ा जमुआ के तूरी टोला के ग्रामीणों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग पर जिला प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है।

