धनबाद। गोविंदपुर के मिल्लत नगर निवासी एक मिस्त्री के काम के दौरान हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आने के बाद उसके इलाज को लेकर विवाद सामने आया है। घायल मिस्त्री के परिजनों और स्थानीय लोगों ने डॉक्टर मिहीर किडनी केयर हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन कर इलाज के लिए मुआवजा देने की मांग की।
परिजनों के अनुसार, घायल की पहचान एजाज अंसारी के रूप में हुई है। वह पिछले करीब डेढ़ वर्षों से अस्पताल परिसर में गेट और ग्रिल से संबंधित कार्य करता आ रहा था।
अस्पताल की छत पर काम के दौरान करंट लगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि 3 सितंबर को एजाज अंसारी अस्पताल की छत पर काम कर रहा था। इसी दौरान वह कथित तौर पर 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
घटना के बाद घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उसे आगे के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का कहना है कि एजाज अंसारी की हालत गंभीर होने के कारण उसके इलाज के लिए लगातार खर्च हो रहा है और परिवार आर्थिक परेशानी का सामना कर रहा है।
इलाज के लिए मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन
घायल के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि काम के दौरान घायल हुए एजाज अंसारी के इलाज का पूरा खर्च उठाया जाए या उचित मुआवजा दिया जाए।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए आगे आर्थिक सहायता देने से इनकार कर दिया। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर घायल के परिवार को कथित रूप से धमकाने का आरोप भी लगाया।
स्थानीय लोगों ने उठाई जिम्मेदारी तय करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि काम के दौरान हुए हादसे की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि घायल व्यक्ति लंबे समय से अस्पताल परिसर में काम कर रहा था और हादसे के बाद उसके इलाज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय निवासी अखलाक अंसारी ने प्रदर्शन के दौरान घायल के परिवार की ओर से मुआवजे और इलाज में सहायता की मांग उठाई।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों और मुआवजे की मांग पर इस खबर के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले को लेकर परिजनों का प्रदर्शन जारी
घटना के बाद घायल एजाज अंसारी के परिजन उसके बेहतर इलाज की व्यवस्था और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को मामले में पहल करते हुए घायल के इलाज में सहयोग करना चाहिए।
फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने और संबंधित घटनाक्रम की जांच के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

