धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के अधिकारियों को आधुनिक और भविष्य की खनन तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में पांच दिवसीय Continuous Professional Development (CPD) Programme का शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम 7 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन IMiN–Innovation in Mining, CoE for Mining 4.0, TEXMiN, IIT (ISM) Dhanbad तथा TEXMiN (TTRP), IIT (ISM) Dhanbad की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रो. धीरज कुमार के नेतृत्व में संचालित हो रहा है।
Mining 4.0 और डिजिटल कार्यबल तैयार करने पर जोर
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र के लिए तकनीक-सक्षम और डिजिटल रूप से सशक्त कार्यबल तैयार करना है। तेजी से बदल रही तकनीकों के बीच खनन उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि नई तकनीकों को वास्तविक खनन कार्यों में किस प्रकार प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।
Coal India और IIT ISM के MoU के तहत हो रहा आयोजन
यह पहल Coal India Limited और IIT (ISM) Dhanbad के बीच हुए समझौता ज्ञापन यानी MoU के तहत आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम में Coal India की प्रमुख सहायक कंपनियों के अधिकारी विभिन्न बैचों में भाग ले रहे हैं। इनमें SECL, CCL, BCCL, WCL, NCL, MCL, ECL और CMPDI के अधिकारी शामिल हैं।
इस पहल से विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के अधिकारियों को आपसी अनुभव साझा करने, ज्ञान-विनिमय और सहयोगात्मक नवाचार का अवसर मिलेगा।
AI से लेकर Remote Sensing तक कई विषयों पर प्रशिक्षण
कार्यक्रम में खनन क्षेत्र से जुड़े आधुनिक और उभरते विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी दी जा रही है। प्रमुख विषयों में शामिल हैं—
- Mining 4.0 और Digital Transformation
- खनन मूल्य शृंखला में Artificial Intelligence का उपयोग
- Mine Mapping, Monitoring और Remote Sensing
- आधुनिक Drilling और Blasting Technologies
- सुरक्षित और उत्पादक खनन के लिए Geotechnical Risk Assessment
- Critical Minerals और भविष्य की Mining संभावनाएं
- Sustainability, Mine Repurposing और Reclamation
- Mine Closure Planning और Post-Mining Land Use
- Environmental Impact Assessment
- Project Management और Managerial Effectiveness
- Metaverse और Holographic Technologies से जुड़े Mining Applications
अधिकारियों को मिलेगा Hands-on Training और Technology Demonstration
कार्यक्रम के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय अधिकारियों को आधुनिक खनन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
प्रतिभागियों को hands-on exposure और technology demonstrations के माध्यम से नई तकनीकों को समझने और उनके उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य तकनीकी ज्ञान को वास्तविक खनन गतिविधियों से जोड़ना है।
Intelligent और Sustainable Mining के लिए महत्वपूर्ण पहल
IIT (ISM) Dhanbad में आयोजित यह CPD Programme भविष्य की खनन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विभिन्न बैचों और Coal India के अधिकारियों के साथ लगातार सहभागिता के माध्यम से कुशल और भविष्य-दृष्टि वाले पेशेवरों का मजबूत नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कार्यक्रम Mining 4.0, Intelligent Mining और Sustainable Mining के क्षेत्र में बदलाव का नेतृत्व करने वाले दक्ष पेशेवर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

