एसडीएम स्कूल, भागा में जागरूकता अभियान का आयोजन
धनबाद (झरिया): झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित “सृजन से सम्मान तक” पखवाड़ा के तहत मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा ने बुधवार को एसडीएम स्कूल, भागा में अंगदान जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में अंगदान, नेत्रदान तथा देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय अभियान से जोड़ना था।
डॉ. मनीष शर्मा ने बताया अंगदान का महत्व
कार्यक्रम में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के अंगदान-देहदान अभियान के प्रांतीय संयोजक डॉ. मनीष शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। मृत्यु के बाद भी व्यक्ति के अंग किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेत्रदान से किसी की अंधेरी दुनिया रोशन हो सकती है, जबकि अंगदान कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें और अपने परिवार एवं समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
विद्यालय के निदेशक आर. पी. त्रिपाठी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों का विकास करते हैं। वहीं विद्यालय के प्राचार्य ए. के. त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
मंच के पदाधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में शाखा अध्यक्ष किरण शर्मा, शाखा सचिव सन्नी अग्रवाल, संयुक्त सचिव मयंक केजरीवाल, हर्ष अग्रवाल, निक्की अग्रवाल सहित विद्यालय के शिक्षक, स्कूल कैप्टन, हाउस लीडर्स, स्कूल बैंड स्क्वाड और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने अंगदान के महत्व को समझते हुए समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
जनहित के लिए जागरूकता अभियान जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों को अंगदान, नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी समाजहित से जुड़े ऐसे जनजागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि अधिक लोग इस महादान से जुड़कर जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर सकें।
