धनबाद में जिला CSR समिति की बैठक, उपायुक्त ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने के दिए निर्देश

धनबाद में जिला CSR समिति की बैठक, उपायुक्त ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने के दिए निर्देश

धनबाद। समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान जिले में संचालित CSR गतिविधियों की समीक्षा की गई और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक कार्ययोजना (Annual Action Plan) पर चर्चा हुई।

शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल पर रहेगा मुख्य फोकस

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे अपने CSR फंड का अधिकतम उपयोग जिले के दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने जैसे जनहित के कार्यों पर करें।

उन्होंने कहा कि CSR योजनाओं का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी और प्रभावी कार्य करना होना चाहिए, जिनसे आम लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आए।

समयबद्ध कार्य और पारदर्शिता पर जोर

बैठक में उपायुक्त ने कंपनियों को सभी स्वीकृत परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियां अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन के साथ साझा करें।

युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाने के निर्देश

बैठक में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए कंपनियों को कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

CSR योजनाओं में दोहराव रोकने के निर्देश

उपायुक्त ने सभी कंपनियों, बैंकों और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि किसी भी नई CSR योजना को शुरू करने से पहले जिला CSR समिति अथवा CSR सेल से समन्वय और आवश्यक अनुमति प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के दोहराव से संसाधनों का समुचित उपयोग प्रभावित होता है, इसलिए सभी प्रस्ताव पहले जिला प्रशासन के साथ साझा किए जाएं।

कंपनियों से विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील

उपायुक्त ने कहा कि सभी कॉर्पोरेट संस्थान और बैंक जिले के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर पहल करने का भी आग्रह किया, ताकि स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता तथा BCCL, MPL, HURL, टाटा स्टील समेत विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बैंकों के CSR प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *