धनबाद: जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), धनबाद में शनिवार को “टेक्सटाइल के लिए जिला स्तर पर हितधारकों के साथ परामर्श” विषय पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में करीब 20 उद्यमियों और विभिन्न व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर टेक्सटाइल उद्योग के विकास और जिला निर्यात कार्य योजना पर अपने सुझाव साझा किए।
झारखंड टेक्सटाइल 2026 और निर्यात कार्य योजना पर हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत जिला उद्योग केंद्र, धनबाद के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने की। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों और एसोसिएशन के सदस्यों को बताया कि यह कार्यशाला जिला निर्यात कार्य योजना तथा झारखंड टेक्सटाइल 2026 (ड्राफ्ट) पर सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि हितधारकों की राय के आधार पर उद्योगों के विकास की दिशा में प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी।
MSME योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल एमएसएमई धनबाद के सहायक निदेशक सुजीत कुमार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रहा है।
वहीं, जिला उद्योग केंद्र के ईओडीबी प्रबंधक आदित्य चौधरी ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए जिला स्तर पर हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया और इसके उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
कार्यशाला में फ्लोर मिल एसोसिएशन के सचिव कैलाश चंद्र गोयल, धनबाद जिला होलसेल क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव अग्रिवेश चंद्र अग्रवाल, धनबाद जिला थोक कपड़ा व्यापारी संघ के सदस्य रितेश नारनोली, जेबीएस केमिकल के प्रोपराइटर राम चंद्र अग्रवाल, मनोज जैन (एकदंत ग्रुप), दीपक कनोडिया (बालाजी टेक्नो पॉलीफैब्स प्राइवेट लिमिटेड), मयंक अग्रवाल (वी कॉट स्टिच इंडस्ट्रीज़), अशोक शर्मा (मित्तल पॉलीपैक प्राइवेट लिमिटेड), अनिल कुमार (शिव शम्भू कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड) सहित अन्य उद्यमी एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

