उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आर्मी इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद कैंट थाना इलाके में कार्रवाई की गई। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नकटिया के मोहनपुर रोड स्थित एक दुकान पर छापा मारकर सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म में इस्तेमाल होने वाले कपड़े का बड़ा अवैध भंडारण पकड़ा। इस मामले में अरबाज नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से कपड़ा और सेना की यूनिफॉर्म से जुड़ा सामान बरामद किया है।
जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि आर्मी इंटेलिजेंस की ओर से सूचना दी गई कि नकटिया इलाके में एक दुकान पर सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म में इस्तेमाल होने वाले कपड़े को अवैध तरीके से रखा गया है। साथ ही आशंका जताई गई कि इस कपड़े को कहीं और बेचने की तैयारी की जा रही है। जानकारी मिलते ही मिलिट्री इंटेलिजेंस, कैंट थाना पुलिस और एसओजी की टीम फ़ौरन मौके पर पहुंची और दुकान पर छापा मारा। जांच के समय वहां ऐसा कपड़ा मिला, जो सेना की वर्दी के लिए इस्तेमाल होने वाले पैटर्न से मिलता-जुलता बताया जा रहा है।
बैग में करीब 150 मीटर अतिरिक्त कपड़ा मिला
छापेमारी के वक्त पुलिस ने सात बड़े बंडल बरामद किए, जिनमें प्रत्येक में करीब 200 मीटर कपड़ा था। इसके अलावा पांच अन्य बंडल मिले जिनमें लगभग 100-100 मीटर कपड़ा रखा था। दो प्लास्टिक बैग में करीब 150 मीटर अतिरिक्त कपड़ा भी मिला।
सेना से जुड़े कपड़े भी बरामद
केवल कपड़ा ही नहीं, बल्कि सेना से जुड़े अन्य सामान भी मौके से बरामद किए गए। इनमें पी-कैप, कॉम्बैट यूनिफॉर्म से संबंधित सामग्री, जूतों के फीते, कपड़े की टोपी और कई प्लास्टिक पैक में रखे गए काले रंग के वेलको शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी अरबाज ने बताया कि उसने यह कपड़ा राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक फैक्टरी से मंगवाया था। उसका कहना था कि उसने इस कपड़े की खरीद भी कर ली थी और आगे बेचने की तैयारी चल रही थी। उसने पुलिस को यह भी बताया कि सेना द्वारा साल 2023 से नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म लागू किए जाने के बाद इस तरह के कपड़े की मांग बढ़ गई है। उसकी जानकारी के अनुसार सेना और बीएसएफ कैंटीन में यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता, इसलिए बाजार में इसकी कीमत अधिक मिल जाती है।
आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज
एसपी सिटी का कहना है कि बरामद किया गया कपड़ा सेना की वर्दी में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित डिजाइन से मेल खाता है। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कपड़े की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी और इस कारोबार में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

