सोनाली बेंद्रे ने कैंसर से लड़ाई लड़ी और जंग जीत गई। कैंसर को मात देने के बाद उन्होंने 2022 में वेब सीरीज ‘द ब्रोकन न्यूज’ से एक्टिंग में वापसी की और छा गई। अब सोनाली बेंद्रे अपनी नई सीरीज ‘राख’ को लेकर सुर्खियों में हैं। अपने नए इंटरव्यू में सोनाली ने बताया कि कैंसर से लड़ाई के बाद वह सिर्फ पॉजिटिव प्रोजेक्ट्स करना चाहती थीं, लेकिन ‘राख’ ने सब कुछ बदल दिया।
सोनाली ने क्यों बनाई थी डार्क रोल्स से दूरी
एक न्यूज चैनल से बात करते हुए एक्ट्रेस सोनाली ने कहा कि कैंसर से लड़ाई के बाद वह ऐसे रोल करना चाहती थीं जो उम्मीद जगाने वाले और हल्के-फुल्के हों और उन्हें पॉजिटिव माहौल में रखें। इसके बावजूद, उन्होंने ‘राख’ में एक दुखी मां का रोल करने के लिए हां कहा। उन्होंने कहा:
‘मैं सच में उम्मीद जगाने वाले और हल्के-फुल्के रोल करना चाहती थी, जिनसे मुझे खुशी मिले और मैं जोश के साथ वापसी कर सकूं। मैं ऐसा ही काम करना चाहती थी, खासकर इसलिए क्योंकि मैं एक बहुत मुश्किल दौर से गुज़री थी। कैंसर के बाद मेरी प्रोफेशनल लाइफ में आया बड़ा बदलाव और इसी वजह से डार्क रोल्स नहीं करना चाहती थीं।’
‘राख’ शो 1978 के चर्चित रंगा-बिला केस पर आधारित है। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा कि ‘राख’ वैसा शो नहीं था, जिसकी उन्हें तलाश थी और वह इसमें काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ने और कहानी दमदार लगी। सब कुछ समझने के बाद उन्होंने शो करने का फैसला किया और इस किरदार के लिए हां कह दिया।
मुझे स्क्रीन टाइम की लंबाई से कोई खास फर्क नहीं पड़ता
सोनाली बेंद्रे ने शो में अपने कम स्क्रीन टाइम को लेकर थोड़ी निराशा भी जताई। उन्होंने कहा:
‘मुझे स्क्रीन टाइम की लंबाई से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मैं चाहती थी कि सीरीज में मुझे और ज्यादा दिखाया जाए, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने यह मौका लिया, क्योंकि यह अनुभव बहुत ही शानदार रहा है।’
क्या है ‘राख’ की कहानी
‘राख’ 1978 में नई दिल्ली में भाई-बहन गीता और संजय चोपड़ा के हत्या की घटना से प्रेरित है। इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधी कुलजीत सिंह उर्फ रंगा) और जसबीर सिंह यानी बिल्ला थे। प्रोसित रॉय, अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत द्वारा निर्देशित यह शो इसी केस से प्रेरित कहानी है। इसमें अली फजल, आमिर बशीर, आकाश सिंह मखीजा, रमनदीप यादव, राकेश बेदी और अंशुल चौहान भी हैं।

