‘साधु-संत सजा भुगत रहे हैं’, रामदास बाल योगी का दावा- चढ़ावा चोरी से घटा श्रद्धालुओं का भरोसा

‘साधु-संत सजा भुगत रहे हैं’, रामदास बाल योगी का दावा- चढ़ावा चोरी से घटा श्रद्धालुओं का भरोसा

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना के बाद साधु-संतों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इस घटना से सिर्फ राम मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरी अयोध्या की छवि प्रभावित हुई है। संत रामदास बाल योगी महाराज ने कहा कि चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा कमजोर हुआ है। इसका असर यह हुआ कि अयोध्या के अन्य मंदिरों में भी भक्तों की संख्या कम हुई है और दान में भी गिरावट देखने को मिली है

अयोध्या के रामदास बाल योगी महाराज ने कहा कि, ‘श्रद्धालु नाराज हैं, श्रद्धालुओं में कमी आई है, चढ़ोत्तरी में भी कमी आई है और पूरे क्षेत्र में इसका असर है। राम मंदिर में कोई आता था तो हम लोगों के मंदिर में भी आता था। हम तो मां सरयू के तट पर हैं, तो तमाम श्रद्धालु शाम को आरती में आते हैं। अब लेकिन कमी आई है। जब चोरी करेंगे तो कैसे आपको दान मिलेगा? पूरी अयोध्या सजा भुगत रही है। और देखिएगा, भगवान राम इन चोरों को कभी माफ नहीं करेंगे। जिन्होंने चोरी की है उनको सजा प्रशासन से जो मिलनी होगी मिलेगी। या हो सकता है उन्हें बचाया जाए, लेकिन भगवान राम इनको नहीं बचाएंगे।’

ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, भ्रम फैलाया जा रहा है

रामदास बाल योगी महाराज ने राम मंदिर में हुई गड़बड़ी को लेकर कहा कि, ‘अखिलेश यादव ने जब इस मामले को सोशल मीडिया पर उजागर किया तो सबको इसकी जानकारी मिली। उसके तत्काल बाद चंपत राय जी ने कहा कि गिनती सही है, यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, भ्रम फैलाया जा रहा है। वे इसको स्वीकार करने से इनकार रहे थे।’

चोरी की जिम्मेदारी कौन लेगा?

उन्होंने कहा कि, ‘राम मंदिर जब बन रहा था तो चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और सभी पदाधिकारियों ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं और आरएसएस के लोगों के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर प्रचार किया। मंदिर बना और उसका श्रेय भी उन्होंने लिया, तो आज चोरी की जिम्मेदारी कोई और लेगा? चोरी यदि हुई है तो क्या यह 10, 20 हजार, 50 हजार के वेतनभोगी कर्मचारियों ने की है? इनकी इतनी हैसियत है?’

उन्होंने कहा कि, ‘इसके पूर्व में भी जमीनों के घोटाले तगड़े हुए। एक करोड़ की जमीनें 25-25 करोड़ में खरीदी गईं। उस समय भी यह लोग नहीं चेते। बताइए, रावण तो किशोरी जी को ले गया था, वह उस समय की बात थी। इन लोगों ने तो राम जी के साथ ऐसा किया, कि उनकी चरण पादुका, हार, नगद, 200 किलो चांदी… ऐसा जानकारी में है, और जो जानकारी में नहीं है.. इन लोगों ने न जाने कितने हजार करोड़ की चपत लगाई है। छोटी मछलियों को जेल भेज दिया गया, बड़ी मछलियों को सीधे बाहर कर दिया गया।’

चोरी की बात पहले भी बताई गई थी

रामदास बाल योगी ने कहा कि, ‘यह ट्रस्ट है, कोई चोरी होती है,कोई दिक्कत होती है, तो हमारी भी जिम्मेदारी है। ऐसा कैसे हो सकता है? सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, सुरक्षा चाक-चौबंद है। इसके बीच चोरियां लगातार होती रहीं। इसके बारे में अनिल मिश्रा को पूर्व में बताया भी गया था। वहां जो पूर्व में इंजीनियर रहे हैं उन्होंने बताया कि 40-40 परसेंट कमीशन देना पड़ा। बताया गया कि गड्डियों में हेराफेरी होती थी।’ वहीं रामदास बाल योगी ने कहा कि, असलियत अखिलेश यादव ने उजागर की। 

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