‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए भारतीय सेना और वायुसेना के छह बहादुर जवानों के नाम केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। पिछले साल हुए इस गुप्त सैन्य अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों को हुए नुकसान की यह पहली आधिकारिक जानकारी है।
हवलदार सुनील कुमार सिंह हुए शहीद
देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले इन छह अमर बलिदानियों में बिहार के बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत अंतर्गत नरबतपुर गांव के रहने वाले हवलदार सुनील कुमार सिंह भी शामिल हैं। सुनील कुमार सिंह ने इस ऑपरेशन के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की थी।
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर दर्ज हुआ नाम
- केंद्र सरकार की ओर से नामों की घोषणा के साथ ही इन वीर सैनिकों को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सम्मान दिया गया है।
- छह जांबाजों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ सेक्शन में सम्मानपूर्वक प्रकाशित।
- मेमोरियल की उस पावन दीवार पर इनके नाम उकेरे गए हैं जो देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले देश के वीरों को समर्पित है।
- इन नामों से पहली बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना को हुए नुकसान और जवानों के बलिदान की आधिकारिक पुष्टि।
- अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी देश के उन ऐतिहासिक सैन्य अभियानों में शामिल हो गया, जिन्हें राष्ट्रीय स्मारक में याद किया जाएगा
आधिकारिक तौर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण सैन्य अभियान में भारतीय थल सेना (इंडियन आर्मी) और भारतीय वायुसेना (इंडियन एयरफोर्स) दोनों के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया था। कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले इन छह शहीदों में दोनों ही बलों के जांबाज सैनिक शामिल थे।
ये हैं ऑपरेशन सिंदूर के अमर जवान - ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र, वायुसेना के सर्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायुसेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया।
- सूबेदार मेजर पवन कुमार, 10 इन्फेंट्री ब्रिगेड हेडक्वार्टर
- हवलदार सुनील कुमार सिंह, 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी
- लांस नायक दिनेश कुमार, 05 फील्ड रेजीमेंट
- राइफलमैन सुनील कुमार, 04 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
- एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरली नाइक, 851 लाइट रेजीमेंट
- सार्जेट सुरेंद्र कुमार, 39 विंग (वायुसेना)
- पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर क्या था ?
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र सेनाओं (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) द्वारा मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में चलाया गया एक काफी सटीक, त्रि-सेवा (Tri-Services) सैन्य अभियान था। ये ऑपरेशन अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से की गई हत्या के जवाब में शुरू किया गया था।
6-7 मई 2025 की रात को भारतीय वायुसेना और थल सेना ने पूरी तरह सधे हुए (Non-escalatory) तरीके से सीमा पार जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के 9 प्रमुख आतंकवादी कैंपों और लॉन्च पैड्स को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। भारतीय सेना ने इस दौरान केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और किसी भी सैन्य या नागरिक क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचने दिया।

