मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान लोगों को जिंक फॉस्फाइड के जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपी फैयाज प्रेमजी ‘दर्द से राहत’ के नाम पर लोगों को ये कैप्सूल देने की कोशिश कर रहा था। मामला मुंबई एक इलाके का है। जूलूस के दौरान आरोपी ने कई लोगों को ये कैप्सूल दिए थे। इनमें से एक शख्स को पेट दर्द और उल्टी होने लगी। इसके बाद लोगों को कुछ शक हुआ तो पुलिस से शिकायत की गई। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी को 14,900 कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया।
जिंक फॉस्फाइड के 14,900 कैप्सूल बरामद
उसने हर कैप्सूल में करीब एक ग्राम जहर भरा था। इसके लिए 50 किलो जिंक फॉस्फाइड मंगाया था। आरोपी करीब 30 हजार जहरीले कैप्सूल बनाने की तैयारी में था। जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल चूहे मारने वाली दवा बनाने के लिए किया जाता है।
वहीं मुंबई की एक अदालत ने पुणे के रहने वाले फैयाज निसार प्रेमजी को सोमवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. फैयाज निसार पर मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान शोक मनाने वालों के बीच चूहे मारने की दवा बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि फैयाज पुणे के विमान नगर इलाके के रहने वाला है.
मुंबई के डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि 39 वर्षीय फैयाज निसार प्रेमजी बहुत पढ़ा-लिखा व्यक्ति है और उसके पास BBA की डिग्री है. मीणा ने कहा कि मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ BNS की धारा 109, 110 और 123 के तहत हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है. डीसीपी के अनुसार, पुलिस जांच से पता चला है कि फैयाज 2019 और 2025 के बीच कई बार इराक और ईरान गया था.
पुलिस अधिकारी ने कहा, “रिकॉर्ड बताते हैं कि वह पिछले साल सिर्फ 19 दिनों के अंदर तीन बार ईरान गया था. पुलिस अभी फैयाज के ईरान का बार-बार दौरा करने की सही वजह, क्या इसका किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद समूह से संबंध है, और पिछले 15 दिनों में डोंगरी इलाके के एक गेस्ट हाउस में उसके रुकने की जानकारी की जांच कर रही है.”
मुंबई पुलिस ने आरोपी फैयाज को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था और उसके पास से जिंक फॉस्फाइड के 14,900 कैप्सूल बरामद हुए थे. इन जहरीले कैप्सूल के सेवन से 10 से 12 युवक बीमार पड़ गए और उन्हें दक्षिण मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. फिलहाल डीसीपी जयंत मीणा ने कहा कि पुलिस मामले में सभी पहलुओं से विस्तृत जांच कर रही है.

