रांची में JPSC और JSSC को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार देर शाम सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले दौर की बातचीत हुई। यह बैठक करीब 1 घंटे 40 मिनट तक चली।
बैठक के बाद JPSC-JSSC Reform Manch की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया। इसमें बताया गया कि छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के मंत्रियों के सामने JPSC और JSSC से जुड़े सभी मुद्दों और अपनी मांगों को विस्तार से रखा।
छात्रों ने बताया कि उनकी मांगें किन तथ्यों, समस्याओं और परिस्थितियों पर आधारित हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े मुद्दों को भी विस्तार से समझाया।
छात्रों के अनुसार, मंत्रियों ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुना। बैठक में मंत्रियों ने माना कि छात्रों की ओर से रखे गए तर्क और बातें उचित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सभी मांगों और तथ्यों को मुख्यमंत्री तक पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा।
छात्र प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सरकार ने भी माना है कि यह मामला सिर्फ मौजूदा छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
10 अगस्त तक का अल्टीमेटम
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 10 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। अब सभी की नजर सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई और फैसले पर है।
फिलहाल सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्र स्पष्ट करना चाहते हैं कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। 10 अगस्त तक JPSC और JSSC से संबंधित सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
यदि 10 अगस्त तक मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर होगा।
यह घेराव पूरी ताकत, एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। जब तक सभी प्रमुख मांगों का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक छात्र आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने आगे बताया कि आंदोलन जारी है। वार्ता सफल रही लेकिन मांगों पर विचार के बाद आंदोलन समाप्त करने पर निर्णय होगा। अगर मांगे नहीं मानी जाती है तो 10 अगस्त को छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे।

