बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक और पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के BDO मनोज कुमार को अपनी पत्नी अमृता कुमारी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश में शामिल उनकी प्रेमिका (महिला दारोगा) को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
अवैध संबंध बना मौत का कारण
शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि आरोपी BDO मनोज कुमार का इस महिला दारोगा के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। इसी अवैध संबंध की वजह से घर में लगातार कलह होती थी और अमृता को प्रताड़ित किया जाता था।
10 लाख रुपये दहेज की मांग
दिसंबर 2022 में हुई इस शादी के एक साल बाद से ही BDO पति, ससुर गंगा साह, सास, देवर अमन और ननद आरती कुमारी मिलकर ₹10 लाख की डिमांड करने लगे थे। मांग पूरी न होने पर अमृता को बेरहमी से पीटा जाता था।
एम्बुलेंस पर लावारिस छोड़ी लाश
3 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में अमृता की मौत हो गई। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसे जहर दिया है। जब भाई अस्पताल पहुंचा, तो अमृता का शव एक एम्बुलेंस में लावारिस हालत में पड़ा था और BDO समेत पूरा परिवार फरार हो चुका था।
मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) से खुले राज:
मिठनपुरा थाना पुलिस ने जब आरोपी BDO के दो मोबाइल फोन जब्त कर उनके कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले, तो महिला दारोगा के साथ उनके प्रेम प्रसंग का भंडाफोड़ हुआ।
पुलिस वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए इस केस की गहराई से जांच कर रही है। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे BDO के माता-पिता, भाई और बहन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गंभीर सवाल यह है कि जब कानून के रखवाले (महिला दारोगा) और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी (BDO) ही मिलकर ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने लगें, तो आम समाज किस पर भरोसा करे? अमृता को इंसाफ मिलना ही चाहिए?

