केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी।
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने करीब 575 शब्दों की दो पन्नों की चिट्ठी पोस्ट की, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों का जिक्र किया। इस पत्र में उन्होंने दो जगह यह भी लिखा कि कुछ लोगों ने युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की।
CJP बोली- कॉकरोच की जीत हुई
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने कहा कि कॉकरोच की जीत हुई। बता दें कि कल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त हुए थे. बता दें कि शुक्रवार रात NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए गए थे। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की बात भी कही गई। अधिकारियों के मुताबिक NTA में सुधार के लिए जल्द ही और एक्शन लिए जाएंगे। एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला था।
अधिकारियों के अनुसार, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा और संस्था में तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। इसके अलावा ऐसा टेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जा सके, जिसमें पेपर लीक की गुंजाइश न हो। NTA 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल्स नियुक्त करेगा।

