नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी घोषणा की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ के तहत नई मजदूरी दरों का ऐलान किया।मंत्रालय के अनुसार, संशोधित मजदूरी दरें 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होंगी। ये नई दरें केंद्र सरकार की वीबी-जी राम (VBG-RAM) योजना की शुरुआत के साथ प्रभावी होंगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देना और मजदूरों की आय में सुधार करना है।
जानकारी के मुताबिक इस नोटिफिकेशन में 300 रुपये की अंतरिम बेस मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह पक्का हो सके कि कोई भी तय दैनिक मजदूरी इस सीमा से कम न हो। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। मंत्रालय ने इस बदलाव को क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और श्रम की गरिमा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया है।
ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाले प्रमुख फायदे
- 125 दिनों की मजदूरी की गारंटी: ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अब 100 के बजाय 125 दिनों के मजदूरी की गारंटी मिलेगी।
- बढ़ जाएगी मजदूरी: देश भर में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
- बढ़ेगी औसत दैनिक मजदूरी: औसत दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दी गई है और न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।
- समय पर भुगतान: इस कानून के लागू होने से समय पर भुगतान और मुआवजा मिलेगा जिसके तहत साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
- देरी पर मुआवजा: देरी होने पर 0.05% प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे का प्रावधान है।
- बेरोजगारी भत्ता: यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते का कानूनी अधिकार प्राप्त है।
- ई-भुगतान: ऑनलाइन भुगतान के जरिए धांधली रोकी गई है। साथ ही जियो-टैगिंग, जीपीएस निगरानी और फेस-ऑथेंटिकेशन से काम और भुगतान में पारदर्शिता लाई गई है।
बता दें कि सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 15-25% की रेंज में उन राज्यों में की गई है जहां ऐतिहासिक रूप से मजदूरी कम रही है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसे भारत के ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासकि कदम बताया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कानून आत्मनिर्भर, मजबूत और समृद्ध ग्रामीण भारत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा, जो ‘विकसित भारत 2047’ की नींव बनेगा।मंत्रालय के मुताबिक, 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस कानून को लागू करने के लिए अपने बजट में आवश्यक प्रावधान कर दिए हैं, जबकि 24 राज्यों ने ‘वीबी-जी राम जी’ राज्य योजना की अधिसूचना भी जारी कर दी है।

