भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता जाहिर की।
एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि व्यावसायिक (कमर्शियल) जहाजों और समुद्री कर्मचारियों पर किसी भी तरह का हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है।
विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत में मौजूदा क्षेत्रीय हालात और जारी कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने ईरान का पक्ष भी जाना और कहा कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों का समाधान निकालने का समर्थन करता है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बीच हुई बातचीत
दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. तेहरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने का दावा किया है. ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरानी सेना ने ऑपरेशन लाइटनिंग के 27वें चरण के तहत अमेरिका की तरफ से संचालित अहमद अल जाबेर एयर बेस पर ड्रोन से हमले किए.
तेहरान ने कहा कि यह ऑपरेशन केसम द्वीप पर एक रिहायशी घर पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था. आरोप है कि उस हमले में सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था. इसमें एयरक्राफ्ट शेल्टर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और उपकरण गोदाम शामिल थे.

