असम में बाढ़ की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, लेकिन कई इलाकों में लोगों की परेशानी अभी भी बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में शिवसागर जिले में दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है, जिसकी डूबने से मौत हुई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शुक्रवार तक राज्य के 8 जिलों में करीब 2.12 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं 437 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
सबसे अधिक प्रभावित चराइदेव जिला है, जहां करीब 80 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में 40 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। राज्य के 21 राजस्व मंडल भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं। यहां 75,583 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। सेना, NDRF, SDRF, पुलिस, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
फसल, सड़क और पशुओं को भी नुकसान
बाढ़ की वजह से 17,198 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि पानी में डूब गई है। कई सड़कें, पुल और तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ा है। करीब 2.97 लाख पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं।
लोगों तक पहुंचाई जा रही राहत
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 918 क्विंटल से अधिक चावल, 203 क्विंटल दाल, 146 क्विंटल नमक और 17,546 लीटर सरसों का तेल वितरित किया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को राहत और पुनर्वास के लिए कई घोषणाएं कीं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 2 और 3 अगस्त से तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में 7 अगस्त से व्यापक नुकसान का सर्वे शुरू होगा, जिसे 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कर्जदारों को छह महीने तक ऋण की किस्तों के भुगतान में राहत दी जाएगी। आवश्यकता के अनुसार कर्ज की अवधि सात वर्ष तक बढ़ाने की भी अनुमति होगी। राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की है।
सरकार ने स्कूलों की बहाली के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए
सरकार ने स्कूलों की बहाली के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें भेजी जा चुकी हैं। बाढ़ और कीचड़ से प्रभावित प्रत्येक स्कूल को सफाई और मरम्मत के लिए दो से तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। स्थिति सामान्य रहने पर चार प्रभावित जिलों में 9 अगस्त से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। वहीं, चराइदेव और शिवसागर के लिए सड़कों तथा अन्य क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली हेतु विशेष विकास पैकेज तैयार किया जाएगा।

