धनबाद/तोपचांची। तोपचांची स्थित होटल आश्रय में प्रखंड कांग्रेस कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रभारी राजेश राम ने की। इस दौरान संगठनात्मक विषयों के साथ केंद्र सरकार की खान एवं खनिज नीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने केंद्र की खान नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती के नीचे कोयला और अन्य खनिजों का विशाल भंडार है, लेकिन इन प्राकृतिक संसाधनों का लाभ राज्य की जनता को कितना मिल रहा है, यह बड़ा सवाल है।
स्थानीय लोगों और विस्थापितों के अधिकार का मुद्दा
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि खनन परियोजनाओं में स्थानीय लोगों, मजदूरों, विस्थापित परिवारों और पर्यावरण के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन नीतियों में कई बार बड़े व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता मिलती दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि जिस जमीन से खनिज निकाला जाता है, वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता। खनन प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदूषण, भू-धंसान, विस्थापन और आजीविका के संकट को नजरअंदाज कर केवल खनिज उत्पादन बढ़ाना विकास नहीं कहा जा सकता।
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान
संतोष कुमार सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर स्थानीय जनता के अधिकार की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी खान नीति का समर्थन नहीं कर सकती, जिसमें मुनाफा कुछ लोगों का हो और नुकसान जनता को उठाना पड़े। उनके अनुसार खनन नीति में स्थानीय रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता, ग्राम सभा की भूमिका और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
‘चंदा चोरी’ और राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता का सवाल
संतोष कुमार सिंह ने राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राजनीतिक दलों को मिलने वाला पैसा कहां से आ रहा है और उसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी। उनका कहना था कि पार्टी का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपारदर्शिता, संसाधनों की लूट और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प
बैठक में प्रखंड कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करने का संकल्प लिया।
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड की जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा पर यहां के लोगों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को सड़क से सदन तक उठाती रहेगी।
बैठक में सैयद अली, मोबिंग अंसारी, मिंटू ठाकुर, अब्दुल मोयेद, समरुद्दीन अंसारी, जुनैद अंसारी, सुनील कुमार बरनवाल, बजरंगी दास, शमीम अहमद, मो. शहीद अंसारी, मो. इरफान अंसारी, अशोक प्रमाणिक, चंद्रमोलेश्वर सिंह चौधरी, बासुदेव ठाकुर, संजीव होरे, छोटन सिंह, आलम अंसारी, कामता प्रसाद लाल, जोगेश ठाकुर, मो. अब्बास, मो. इसराइल अंसारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

