
TATANAGAR RAIL DIVISION: टाटानगर और आसपास के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी और मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के खिलाफ आंदोलन चला रही रेल यात्री संघर्ष समिति की आवाज आखिरकार रेलवे प्रशासन तक पहुंच गई। बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) ने जमशेदपुर में संघर्ष समिति और विधायक सरयू राय के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें बड़ा फैसला लेते हुए यह निर्देश दिया गया कि अब यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब टाटानगर स्टेशन और आसपास के रूटों पर रोजाना हजारों यात्री घंटों परेशान हो रहे थे। छात्रों, कर्मचारियों, मजदूरों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। लगातार बढ़ते जनदबाव और आंदोलन के बाद रेलवे को आखिरकार झुकना पड़ा।
आंदोलन के दबाव में हरकत में आया रेलवे प्रशासन
रेल यात्री संघर्ष समिति ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि ट्रेनों की लेटलतीफी बंद नहीं हुई तो रेलवे जीएम का विरोध किया जाएगा। इसके बाद चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम ने विधायक सरयू राय से संपर्क कर जानकारी दी कि रेलवे जीएम जमशेदपुर आ रहे हैं और मामले पर वार्ता करेंगे।
बुधवार दोपहर हुई इस अहम बैठक में रेलवे के शीर्ष अधिकारियों और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा हुई। विधायक सरयू राय ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है यात्री ट्रेनों को समय पर चलाया जाए और उन्हें रोककर मालगाड़ियों को पास कराने की व्यवस्था बंद हो।
जनता पहले, मालगाड़ी बाद में : रेलवे जीएम
बैठक के दौरान रेलवे जीएम ने संघर्ष समिति की मांगों को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में यात्री ट्रेनों को खड़ा कर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि रेलवे परिचालन में यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और इस फैसले को सख्ती से लागू कराया जाएगा।
रेलवे जीएम के इस बयान के बाद बैठक में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से रेलवे प्रशासन पर यह आरोप लग रहा था कि माल ढुलाई से ज्यादा कमाई होने के कारण मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आम यात्री घंटों परेशान होते हैं।
अब हर दिन होगी मॉनिटरिंग
संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने बैठक में सवाल उठाया कि रेलवे के इस आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी कैसे होगी?
इस पर रेलवे जीएम ने चक्रधरपुर के डीआरएम को निर्देश दिया कि जमशेदपुर में एक फुल टाइम पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाए। यह अधिकारी रोजाना ट्रेनों की स्थिति, लेटलतीफी और मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा।
साथ ही यह अधिकारी प्रतिदिन प्रेस और रेल यात्री संघर्ष समिति को ट्रेनों के परिचालन की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
35 किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहे थे 5 घंटे
बैठक में विधायक सरयू राय ने रेलवे जीएम को जमीनी हकीकत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनें चांडिल, कांड्रा, गम्हरिया और राखामाइंस तक समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर तक महज 35-40 किलोमीटर की दूरी तय करने में 4 से 5 घंटे लग जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों पर पड़ रहा है। कई लोगों की नौकरी और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
इस पर रेलवे जीएम ने भरोसा दिलाया कि अब इन ट्रेनों की रोज समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे समय पर टाटानगर पहुंचें।
फिलहाल आंदोलन स्थगित, रेलवे को मिला समय
बैठक के बाद विधायक सरयू राय ने रेलवे जीएम और डीआरएम का धन्यवाद करते हुए कहा कि संघर्ष समिति की सभी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं।
उन्होंने कहा कि समिति कुछ दिनों तक रेलवे के आश्वासनों के अमल का इंतजार करेगी। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में रेलवे जीएम के साथ एजीएम, चक्रधरपुर डीआरएम, सीनियर डीसीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं संघर्ष समिति की ओर से सरयू राय, शिव शंकर सिंह, कन्हैया सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, नीरज सिंह, अमित शर्मा और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

