सुबाला हाईलैंड सिटी में श्रीमद्भागवत कथा का सप्तम दिवस, श्रीकृष्ण ने दिया अहंकार त्यागने का संदेश

सुबाला हाईलैंड सिटी में श्रीमद्भागवत कथा का सप्तम दिवस, श्रीकृष्ण ने दिया अहंकार त्यागने का संदेश

धनबाद। सुबाला हाईलैंड सिटी दुर्गा मंदिर प्रांगण में पूज्य श्री सुरेंद्र हरिदास जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को अहंकार त्यागने, विनम्रता अपनाने और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।

श्रीकृष्ण ने तोड़ा इंद्र का अभिमान

कथा वाचन के दौरान बताया गया कि इंद्र का अभिमान तोड़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से इंद्र पूजा के स्थान पर गिरिराज पर्वत की पूजा करने को कहा। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने मूसलधार वर्षा कराई।

इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया और सात दिनों तक ब्रजवासियों को सुरक्षित रखा। इस प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि ईश्वर के सामने किसी भी प्रकार का अभिमान टिक नहीं सकता।

भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं

पूज्य श्री सुरेंद्र हरिदास जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को सुख मिलने पर उसे अपनी मेहनत का परिणाम मानता है, जबकि दुख आने पर भगवान को दोष देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों पर विश्वास रखते हुए भगवान के प्रति समर्पण का भाव रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान को बल, धन, ज्ञान, शरीर या पद का अभिमान प्रिय नहीं है। भक्ति का मार्ग विनम्रता, सेवा और कृतज्ञता से होकर गुजरता है। सच्चा भक्त स्वयं को प्रभु के चरणों में समर्पित रखता है।

गौ सेवा और धर्म के प्रति निष्ठा का संदेश

कथा के दौरान गौ सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं से गायों की सेवा और उन्हें भोजन कराने का संदेश दिया गया। वक्ता ने कहा कि गाय का संबंध भारतीय धर्म और संस्कृति से जुड़ा हुआ है तथा भगवान श्रीकृष्ण ने भी स्वयं को गोपाल कहा।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और कर्म का समन्वय प्रस्तुत करती है। भागवत मनुष्य को आत्मचिंतन और भगवान के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती है।

28 अगस्त को सुदामा-कृष्ण मिलन और फूलों की होली

कथा के आयोजन को सफल बनाने में मुख्य यजमान परिवार सहित सोसाइटी और आसपास के क्षेत्र के लोगों का सहयोग रहा। आयोजन में श्री रामरतन जैन, उर्मिला जैन, सुजीत कुमार साव, रीना देवी, सीबी प्रसाद, नीलम प्रसाद, उज्ज्वल चटर्जी, लक्ष्मी चटर्जी, दशरथ मंडल, रेवती मंडल, रंजन सिन्हा, पुष्पा सिन्हा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

आयोजकों के अनुसार, 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुदामा-कृष्ण मिलन, शुकदेव जी की विदाई और फूलों की होली का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *