चासनाला में एसआईआर के खिलाफ सीपीआई(एम) का प्रदर्शन
चासनाला, 14 अक्टूबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और मताधिकार से वंचित होने की आशंका के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) की पूर्वी झरिया लोकल कमिटी ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान सेल के मुख्य द्वार के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया।
इसके बाद आयोजित नुक्कड़ सभा में पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, एसआईआर वापस लेने और चुनाव प्रक्रिया में सुधार करने की मांग उठाई। नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर वापस लेने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) के राज्य कमिटी सदस्य सुंदर लाल महतो ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, नौजवानों और वामपंथी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
धनबाद जिला सचिव विकास कुमार ठाकुर ने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ियों की आशंका और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर वापस लेने और चुनाव व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने की मांग की।

मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
पार्टी के वरिष्ठ जिला नेता सुरेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एसआईआर के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंका को लेकर देशभर में आक्रोश है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौजवानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताया।
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में सीपीआई(एम) के राष्ट्रीय महासचिव एम.ए. बेबी समेत पार्टी के केंद्रीय नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और प्रतिबंधों का लगाया आरोप
सभा की अध्यक्षता करते हुए सीपीआई(एम) के पूर्वी झरिया लोकल कमिटी सचिव योगेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनाई गई। उन्होंने इंटरनेट सेवाओं में बाधा और परिवहन पर प्रतिबंध लगाए जाने का भी दावा किया।
योगेंद्र महतो ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनके अनुसार, दिल्ली में हुई कार्रवाई के विरोध में धनबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदर्शन में पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल
चासनाला में आयोजित पुतला दहन और नुक्कड़ सभा में सुंदर लाल महतो, सुरेश प्रसाद गुप्ता, विकास कुमार ठाकुर, योगेंद्र महतो, गौतम प्रसाद, कुंदन पासवान, सुरेंद्र पासवान, कार्तिक ओझा, राजेंद्र बाउरी, रजब अंसारी, अजीत महतो और नारायण बाउरी समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
इसके अलावा समीर मंडल, मनीत वर्मा, विक्की महतो, पदो रजक, महावीर दास, बैद्यनाथ महतो, सोनू महतो, मदन दास, विजय महतो, धनंजय ओझा, जितेंद्र मिश्रा, रीता देवी, पुच्ची देवी, शहरी देवी, शोली देवी और पूतना देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद रहे।
प्रदर्शन के जरिए सीपीआई(एम) ने एसआईआर को वापस लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग दोहराई।

