धनबाद/सिंदरी: सिंदरी के डोमगढ़ में विस्थापन के मुद्दे को लेकर भाजपा नेत्री तारा देवी ने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने डोमगढ़ में लंबे समय से रह रहे परिवारों के आवासीय अधिकार और आजीविका की सुरक्षा के लिए मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
तारा देवी के अनुसार, डोमगढ़ में FCIL के पूर्व कर्मचारी, मृतक आश्रित, सेवानिवृत्त कर्मचारी, संविदा कर्मी, छोटे-बड़े व्यवसायी और अन्य स्थानीय नागरिक पिछले चार से पांच दशकों से निवास करते आ रहे हैं।
दशकों से रह रहे परिवारों के सामने संकट का दावा
तारा देवी ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में कहा कि डोमगढ़ में रहने वाले परिवारों ने अपने सीमित संसाधनों के आधार पर यहां घर बनाए और वर्षों से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
उनका कहना है कि अब FCIL प्रबंधन की ओर से निवासियों को बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने से बड़ी संख्या में परिवारों के सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
भाजपा नेत्री ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि डोमगढ़ में रहने वाले लोगों के आवासीय अधिकार, सम्मान और आजीविका की रक्षा के लिए मानवीय और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मामले का समाधान किया जाए, ताकि लंबे समय से वहां रह रहे लोगों के सामने अचानक विस्थापन का संकट न खड़ा हो।
‘विकास की कीमत घर उजाड़कर नहीं’
तारा देवी ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत हजारों परिवारों के घर और भविष्य को उजाड़कर नहीं चुकाई जा सकती।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा समाधान होना चाहिए, जिसमें विकास के साथ लोगों के आवास और आजीविका के अधिकारों का भी संरक्षण हो।
अब डोमगढ़ के विस्थापन का यह मामला राज्यपाल के समक्ष ज्ञापन सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई और समाधान को लेकर चर्चा में है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

