सिंदरी (धनबाद)। एफसीआई प्रबंधन की आवास नीति के विरोध में सिंदरी के शहरपुरा शिव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में स्थानीय लोगों ने “सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा” के गठन की घोषणा की। बैठक में सिंदरी के अस्तित्व और स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और अपनी राय रखते हुए आंदोलन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
तीन मोर्चों पर लड़ी जाएगी लड़ाई
बैठक में पूर्व पुलिस पदाधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा के तहत वर्किंग कमेटी, कोर कमेटी और लीगल कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को जन आंदोलन, कानूनी लड़ाई और सरकार के साथ समन्वय के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सदस्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाए।
29 जून को धरना, आगे घेराव और आर्थिक नाकेबंदी की तैयारी
मोर्चा की ओर से आंदोलन की शुरुआत 29 जून को एफसीआई के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरने से करने की घोषणा की गई। इसके बाद 15 दिनों के भीतर एफसीआई प्रबंधन के आवासों का घेराव करने की योजना बनाई गई है। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो बलियापुर के गुरीटांड़ मोड़ से गौशाला तक आर्थिक नाकेबंदी जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
जनप्रतिनिधियों को साथ लाने पर जोर
बैठक में विभिन्न वक्ताओं ने आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए स्थानीय विधायक और सांसद को भी इसमें शामिल करने की आवश्यकता बताई। वार्ड संख्या 54 के पार्षद नीरज कुमार सिंह ने प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष के लिए एक मजबूत टीम बनाने की बात कही। वक्ताओं ने एफसीआई प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए सिंदरी के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
बैठक की अध्यक्षता पूर्व उपाधीक्षक हरिलाल यादव ने की, जबकि संचालन पत्रकार मनोज मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में रवींद्र सिंह, धर्मजीत सिंह, दिनेश सिंह, विजय सिंह, अजय कुमार, दिलीप मिश्रा, नीरज कुमार सिंह, अरविंद पाठक, मणीभूषण सिंह, सुरेश प्रसाद, रंजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : राज कुमार शर्मा एवं प्रेम प्रकाश शर्मा, सिंदरी (NEWS ANP)

